
राहुल पराशर, लखनऊ: लखनऊ के प्रसिद्ध किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक संविदा नर्स की लापरवाही के चलते 12 वर्षीय मासूम की मौत का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन की जांच में नर्स की गलती साबित होने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही नर्सिंग काउंसिल में उसके रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश भी की गई है।
मामले का पूरा विवरण
पीड़ित बच्ची सेजल वर्मा जांघ की हड्डी से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। कई डॉक्टरों को दिखाने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद परिवार ने उसे KGMU में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच में फीमोरल डेफिशिएंसी की पुष्टि की और इलाज शुरू किया।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान नर्स ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में बच्ची को आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन 24 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।
जांच और कार्रवाई
मृत्यु की शिकायत पर KGMU प्रशासन ने सात सदस्यीय जांच कमिटी का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता CMS डॉ. बीके ओझा ने की। जांच में संविदा नर्स की गलती साबित हुई। KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि कमिटी ने सुबूत और गवाहों के बयान के आधार पर नर्स को दोषी पाया और उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
इस मामले ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा जगत में गहरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की जरूरत को फिर से उजागर किया है।