Tuesday, January 13

एयर इंडिया के बेड़े में शामिल हुआ नया बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर, क्या बदलेगी एयरलाइन की अंतरराष्ट्रीय छवि?

नई दिल्ली। टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया के कायाकल्प की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। एयर इंडिया को अमेरिका के सिएटल स्थित बोइंग फैक्ट्री से मिला नया बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान 11 जनवरी को दिल्ली पहुंच गया है। यह विमान फरवरी 2026 से लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक उड़ानों पर सेवाएं देना शुरू करेगा। खास बात यह है कि निजीकरण के बाद यह एयर इंडिया के बेड़े में शामिल होने वाला पहला ‘लाइन-फिट’ ड्रीमलाइनर विमान है, जिसे शुरुआत से ही एयरलाइन की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है।

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छवि सुधार की बड़ी कोशिश

पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया की छवि को कई झटके लगे हैं। जून 2025 में अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना, लगातार सामने आती तकनीकी खराबियां, केबिन में टूटी सीटें, खराब इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम और भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों ने यात्रियों का भरोसा कमजोर किया। टाटा समूह के हाथों में आने के बाद से एयर इंडिया इन सभी मोर्चों पर सुधार की कोशिश कर रही है। नए और आधुनिक विमानों को बेड़े में शामिल करना इसी रणनीति का अहम हिस्सा है।

फरवरी 2026 से भरेगा उड़ान

नया बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर फरवरी 2026 से अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की उड़ानों में तैनात किया जाएगा। यह विमान बेहतर ईंधन दक्षता, कम शोर, अधिक आरामदायक केबिन और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है। इससे यात्रियों को लंबी उड़ानों में बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है। एयर इंडिया को इस साल कुल पांच और बड़े विमान मिलने की संभावना है, जिनमें एयरबस ए350-1000 और अतिरिक्त बोइंग 787-9 शामिल हैं।

बड़े ऑर्डर, बड़ी तैयारी

एयर इंडिया ने अपने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एयरबस और बोइंग से कुल 470 विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया है। इसमें एयरबस के ए350 और बोइंग के 220 विमान शामिल हैं। इनमें से छह वाइड-बॉडी ए350 विमान पहले ही एयर इंडिया के बेड़े में आ चुके हैं। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास 51 बोइंग 737-8 विमान हैं, जो घरेलू और शॉर्ट-हॉल अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सेवाएं दे रहे हैं।

क्या बदलेगी एयर इंडिया की पहचान?

नए विमानों की आमद से एयर इंडिया की परिचालन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय पहुंच तो जरूर बढ़ेगी, लेकिन केवल विमान बदलने से ही छवि पूरी तरह नहीं सुधरेगी। समय पर उड़ानें, बेहतर ग्राहक सेवा, तकनीकी विश्वसनीयता और यात्रियों के अनुभव में निरंतर सुधार ही असली कसौटी होंगे। फिर भी, नया बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर एयर इंडिया के लिए एक मजबूत संकेत है कि टाटा समूह एयरलाइन को वैश्विक स्तर पर फिर से प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए गंभीर है।

निष्कर्षतः, यह नया विमान एयर इंडिया की ‘नई उड़ान’ का प्रतीक है। अगर बेड़े के आधुनिकीकरण के साथ-साथ सेवा गुणवत्ता में भी ठोस सुधार होता है, तो आने वाले वर्षों में एयर इंडिया अपनी खोई हुई साख को दोबारा हासिल कर सकती है।

 

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