
नई दिल्ली।
क्रिकेट के इतिहास में हर दिन कोई न कोई रिकॉर्ड बनता और टूटता रहता है, लेकिन कुछ उपलब्धियां ऐसी होती हैं, जो समय के साथ और भी महान बन जाती हैं। ऐसी ही एक ऐतिहासिक उपलब्धि 12 जनवरी 1964 को भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर बापू नाडकर्णी ने हासिल की थी। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ऐसा गेंदबाजी स्पेल डाला, जिसे आज भी सबसे कंजूस स्पेल माना जाता है।
इंग्लैंड के खिलाफ 21 लगातार मेडन ओवर
साल 1964 में इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर थी। चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) में खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के तीसरे दिन बाएं हाथ के स्पिनर बापू नाडकर्णी ने गेंद से इतिहास रच दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी में नाडकर्णी ने लगातार 21 मेडन ओवर डालकर बल्लेबाजों को पूरी तरह जकड़ लिया। इस दौरान उनके खिलाफ लगातार 131 गेंदों तक एक भी रन नहीं बना।
32 ओवर में सिर्फ 5 रन
बापू नाडकर्णी ने उस पारी में कुल 32 ओवर गेंदबाजी की, जिनमें से 27 ओवर मेडन रहे। शेष 5 ओवरों में भी केवल 1-1 रन बने। इस तरह उन्होंने 32 ओवर में महज 5 रन दिए।
हालांकि वह उस पारी में कोई विकेट नहीं ले सके, लेकिन उनकी 0.15 की इकोनॉमी रेट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक पारी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड है।
मैच का पूरा हाल
भारत ने पहली पारी में 457 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 317 रन ही बना सकी। दूसरी पारी में भारत ने 152 रन पर पारी घोषित कर दी।
इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 5 विकेट पर 241 रन बनाए और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
दूसरी पारी में भी नाडकर्णी प्रभावी रहे और उन्होंने 6 ओवर में 6 रन देकर 2 विकेट चटकाए। इस मुकाबले में भारत की ओर से 10 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया गया, जो उस समय एक पारी में सबसे ज्यादा गेंदबाज आजमाने का रिकॉर्ड था।
बापू नाडकर्णी का शानदार करियर
बापू नाडकर्णी ने भारत के लिए 1955 में टेस्ट डेब्यू किया और 1968 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। अपने करियर में उन्होंने 41 टेस्ट मैचों में 88 विकेट झटके। उनकी कुल टेस्ट इकोनॉमी 1.67 रही, जो 25 से ज्यादा टेस्ट खेलने वाले गेंदबाजों में दूसरी सर्वश्रेष्ठ है। उनसे बेहतर इकोनॉमी केवल दक्षिण अफ्रीका के ट्रेवर गोडार्ड (1.64) की रही।
उसी इंग्लैंड सीरीज के कानपुर टेस्ट में भी नाडकर्णी ने 14 ओवर में 11 मेडन डालते हुए सिर्फ 3 रन दिए थे। यह टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे किफायती स्पेल माना जाता है।
गेंदबाज ही नहीं, भरोसेमंद बल्लेबाज भी
मुंबई में जन्मे बापू नाडकर्णी सिर्फ शानदार गेंदबाज ही नहीं, बल्कि उपयोगी बल्लेबाज भी थे। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट की 67 पारियों में 1414 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 500 से अधिक विकेट और 8880 रन दर्ज हैं।
एक अमर रिकॉर्ड
17 जनवरी 2020 को मुंबई में बापू नाडकर्णी का निधन हो गया, लेकिन 12 जनवरी 1964 को रचा गया उनका यह रिकॉर्ड आज भी क्रिकेट इतिहास में अमर है। यह स्पेल इस बात का प्रतीक है कि केवल विकेट ही नहीं, बल्कि सटीक लाइन-लेंथ और अनुशासन भी गेंदबाज को महान बना देता है।