
वडोदरा।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर अपने विचारों से खेल भावना की मिसाल पेश की है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले के दौरान एक दृश्य ने सबका ध्यान खींचा, जब टीम इंडिया का पहला विकेट गिरते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शक खुशी से झूम उठे। यह उत्साह विराट कोहली को रास नहीं आया।
विकेट गिरते ही तालियों से गूंजा स्टेडियम
विराट कोहली आमतौर पर वनडे क्रिकेट में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं। ऐसे में जैसे ही पहला विकेट गिरता है, दर्शकों को उनके क्रीज पर आने की उम्मीद होती है। वडोदरा में भी रोहित शर्मा के आउट होते ही स्टेडियम तालियों और शोर से गूंज उठा। ऐसा ही नजारा आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी के बल्लेबाजी के लिए आने पर भी अक्सर देखने को मिलता है।
विराट कोहली को नहीं भाता यह जश्न
मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच बने विराट कोहली से जब इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने बेहद साफ और संवेदनशील जवाब दिया।
कोहली ने कहा,
“मैं इस बारे में जानता हूं और सच कहूं तो मुझे यह अच्छा नहीं लगता। मैंने एमएस (महेंद्र सिंह धोनी) के साथ भी ऐसा होते देखा है। जो खिलाड़ी आउट होकर वापस जा रहा होता है, उसके लिए यह अच्छा एहसास नहीं होता। मैं दर्शकों के उत्साह को समझता हूं, लेकिन मैं वही करने की कोशिश करता हूं जो मुझे करना है और ज्यादा नहीं सोचता।”
आभार और खेल के प्रति प्रेम
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए विराट ने दर्शकों के प्यार के लिए आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि इतने सारे लोगों को खुशी देना किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।
“मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। बचपन से जिस खेल से मैंने प्यार किया है, उसे खेलकर लोगों को खुश करना—मैं और क्या मांग सकता हूं? मैं अपना सपना जी रहा हूं और लोगों को मुस्कुराते देखकर मुझे खुशी होती है,” कोहली ने कहा।
भारत को मिली शानदार जीत
इस मुकाबले में विराट कोहली शतक से भले ही चूक गए, लेकिन उनकी 91 गेंदों पर 93 रनों की पारी ने भारत की जीत की नींव रखी। इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 1 छक्का लगाया। विराट लगातार पांच वनडे मैचों में 50 से अधिक रन बनाने का कारनामा कर चुके हैं।
शुभमन गिल (56) और श्रेयस अय्यर (49) ने भी अहम योगदान दिया। न्यूजीलैंड द्वारा दिए गए 300 रनों के लक्ष्य को भारतीय टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
विराट कोहली का यह बयान न सिर्फ उनकी महानता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि उनके लिए खेल से बढ़कर सम्मान और संवेदनशीलता कितनी अहम है।