RNI N. MPHIN/2013/52360; प्रधान संपादक - विनायक अशोक लुनिया

90 विद्यार्थियों ने लगाई दृश्य, श्रव्य शिक्षण सामग्री की प्रदर्शनी


उज्जैन। शिक्षण को प्रभावी एवं बोधगम्य बनाने, विषय वस्तु को रोचकता से प्रस्तुत करने, विद्यार्थियों की सहभागिता लेने, शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन के साथ किस प्रकार विद्यार्थी को सरल तरीके से अधिगम करवाया जा सकता है, इन उद्देश्यों से लोकमान्य तिलक शिक्षा महाविद्यालय में बीएड तृतीय वर्ष के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार दृश्य श्रव्य शिक्षण सामग्री की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें 90 विद्यार्थियों द्वारा पाठ्य सहायक सामग्री का प्रदर्शन किया गया।

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प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पीजीबीटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एपी पांडे ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के कार्यपालन अधिकारी गिरीश भालेराव ने की।

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प्राचार्य डॉ. पल्लवी आढ़ाव ने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से बताया कि शिक्षण सहायक सामग्री बीएड प्रशिक्षणार्थियों के लिए कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रखती है जिससे विद्यार्थी भविष्य में अपने विषय शिक्षण को प्रभावी, रोचक बनाने में सृजनात्मकता का परिचय दे सके। गुणात्मक शिक्षण के लिए शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण साधन उपरोक्त शिक्षण सहायक सामग्री जिसमें चार्ट, मॉडल, ट्रांसपरेंसी, फ्लेश कार्ड, वास्तविक वस्तुएं, पोस्टर एवं सीपीटी, पॉवर पाईंट प्रजेंटेशन की प्रस्तुतियां प्रदर्शनी में दी गई। संचालन महाविद्यालय के रंजीतसिंह सिध्दू एवं डॉ. ज्योति विजयवर्गीय द्वारा किया गया एवं आभार प्राचार्य डॉ. पल्लवी आढ़ाव ने माना।

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