Saturday, January 10

स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचार: ‘जैसा तुम सोचते हो, वैसे ही बन जाओगे’

 

This slideshow requires JavaScript.

 

कोलकाता/नई दिल्ली: देश के महान आध्यात्मिक नेता और प्रेरक वक्ता स्वामी विवेकानंद की जयंती हर साल 12 जनवरी को मनाई जाती है। इसी दिन को भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं। स्वामी विवेकानंद का संदेश है कि सफल और सार्थक जीवन के लिए सही सोच, आत्मविश्वास और प्रयास आवश्यक हैं।

 

स्वामी विवेकानंद के कुछ प्रेरक कोट्स:

 

“उठो! जागो! और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”

“दिन में एक बार खुद से बात करें, नहीं तो आप इस दुनिया में एक बुद्धिमान व्यक्ति से मिलने से चूक सकते हैं।”

“जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।”

“आपको अंदर से बढ़ना होगा। कोई आपको सिखा नहीं सकता, कोई आपको आध्यात्मिक नहीं बना सकता।”

“हम वही हैं जो हमारे विचारों ने हमें बनाया है; इसलिए सावधान रहें कि आप क्या सोचते हैं।”

“जैसा तुम सोचते हो, वैसे ही बन जाओगे। खुद को निर्बल मानोगे तो निर्बल और सबल मानोगे तो सबल ही बन जाओगे।”

“किताबें अनगिनत हैं और समय कम है। ज्ञान का रहस्य यह है कि जो ज़रूरी है उसे लें और उसके अनुसार जीने की कोशिश करें।”

“जो कुछ भी तुम्हें कमजोर बनाता है—शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक—उसे जहर की तरह त्याग दो।”

“जब तक जीना, तब तक सीखना। अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।”

“जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।”

 

स्वामी विवेकानंद के बारे में

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। उनका मूल नाम नरेंद्रनाथ था। वे एक बहुआयामी प्रतिभा के धनी विचारक, वक्ता और आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने न केवल हिंदू धर्म और भारतीय दर्शन का संदेश विश्वभर में फैलाया, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर, साहसी और सशक्त बनने की प्रेरणा दी।

 

उनकी शिक्षाएँ आज भी लोगों को आत्मविश्वासी और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके विचार यह बताते हैं कि सफलता और सच्ची महानता आपके दृष्टिकोण, कर्म और मानसिक दृढ़ता पर निर्भर करती है।

 

Leave a Reply