Saturday, January 10

मूवी रिव्यू: लालो – श्रीकृष्ण सदा सहायते एक प्रेरक गुजराती फिल्म का हिंदी वर्जन रिलीज

मुंबई। गुजराती सिनेमा की चर्चित फिल्म लालो: श्रीकृष्ण सदा सहायते’ अब हिंदी दर्शकों के लिए भी उपलब्ध हो गई है। करन जोशी, रीवा रच और श्रुहद गोस्वामी की मुख्य भूमिकाओं वाली यह फिल्म पिछले साल 100 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली पहली गुजराती फिल्म बनी थी। अब इसका हिंदी डब वर्जन शुक्रवार, 9 जनवरी को रिलीज हो चुका है।

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कहानी

फिल्म में लालजी धनसुख परमार उर्फ लालो (करन जोशी) एक ऑटो ड्राइवर हैं। वह अपनी पत्नी तुलसी (रीवा रच) और बेटी के साथ जूनागढ़ में रहते हैं। अपनी बेटी का एक्सिडेंट होने पर लालो 5 लाख रुपये उधार लेता है और इस घटना के बाद शराब पीने की आदत में फंस जाता है।

फिल्म में कहानी एक और लालो (श्रुहद गोस्वामी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो जूनागढ़ घूमते समय लालो के ऑटो में सवारी करता है और उसे अपनी गलतियों का एहसास कराता है। इसके बाद लालो एक फॉर्महाउस में दुर्घटना का शिकार हो जाता है और उसे अपनी समस्याओं से पार पाने के लिए सही मार्ग ढूंढना पड़ता है।

रिव्यू

डायरेक्टर अंकित सखिया ने कहानी और स्क्रीनप्ले को बेहद संवेदनशील तरीके से पेश किया है। फिल्म शुरुआत से दर्शक को जोड़ लेती है और इंटरवल के बाद कहानी तेज़ी से आगे बढ़ती है। क्लाईमैक्स बेहद खूबसूरत है और हैप्पी एंडिंग के साथ खत्म होती है।

कलाकार प्रदर्शन:

  • करन जोशी ने अपनी भूमिका में दमदार अभिनय किया है।
  • श्रुहद गोस्वामी ने दर्शकों को प्रभावित किया।
  • रीवा रच ने भी अपने किरदार को मजबूती से निभाया है।

सिनेमैटोग्राफी और संगीत ठीकठाक हैं। हालांकि, हिंदी डब वर्जन के डायलॉग थोड़े कमजोर लगते हैं।

 

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