
रूस से भारत द्वारा की जा रही कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने देश में सियासी बहस तेज कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बयान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा।
खरगे ने सोमवार को कहा, “हिंदी फिल्म मिस्टर इंडिया का एक चर्चित डायलॉग है – ‘मोगैम्बो खुश हुआ’। इसी तरह ट्रंप यह कहना चाह रहे थे। इस तरह की सोच रखने वाले डराने की कोशिश करते हैं, लेकिन भारत किसी के दबाव में नहीं झुकेगा। मुझे समझ नहीं आता कि मोदी जी उनके सामने नाक क्यों रगड़ रहे हैं।”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस पर कटाक्ष किया और कहा कि व्हाइट हाउस में बैठे प्रधानमंत्री के “अच्छे दोस्त” भारत के प्रति ‘कभी गरम, कभी नरम’ वाला रवैया अपनाए हुए हैं। रमेश ने लिखा कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करता, तो अमेरिका भारत से होने वाले आयात पर अधिक शुल्क लगा सकता है।
रमेश ने यह भी टिप्पणी की कि ‘नमस्ते ट्रंप’ और ‘हाउडी मोदी’ जैसे आयोजन, जबरन गले लगना और अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ में किए गए सोशल मीडिया पोस्ट का कोई खास असर नहीं पड़ा।
ट्रंप का बयान
रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।”
ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के बयान के बाद आई, जिन्होंने कहा कि ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के कारण ही भारत रूस से तेल की खरीद कम कर रहा है। ग्राहम ने अपने टैरिफ संबंधी विधेयक का भी जिक्र किया, जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने का प्रावधान है।