
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 जनवरी को अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर पहुंच रहे हैं। यह उनके लिए विशेष यात्रा है क्योंकि वह राजधानी दिल्ली की बजाय सीधे अहमदाबाद पहुँचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी अहमदाबाद में ही स्वागत करेंगे। अहमदाबाद में स्वागत के बाद चांसलर मर्ज का अगला पड़ाव बेंगलुरु होगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और जर्मनी के बीच व्यापक सहयोग को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। दोनों नेता व्यापार, निवेश, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल विकास, मोबिलिटी, साइंस, इनोवेशन, रिसर्च, ग्रीन एवं सस्टेनेबल डेवलपमेंट और जन संपर्क जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। खासतौर पर 2024 में शुरू किए गए इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप पर भी बातचीत होगी, जिसका लक्ष्य भारत में हाइड्रोजन उत्पादन, खपत और निर्यात को बढ़ावा देना है।
यह यात्रा यूरोपियन यूनियन के नेताओं के बहुप्रतिक्षित दौरे से ठीक पहले हो रही है, जिनका मुख्य एजेंडा भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देना है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर जियो-पॉलिटिकल परिस्थितियाँ बदल रही हैं, जर्मनी का यह दौरा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में पहले पांच वैश्विक नेता भी पहुंचे हैं:
शी जिनपिंग (चीन) – सितंबर 2014
शिंजो आबे (जापान) – सितंबर 2017
बेंजामिन नेतन्याहू (इजरायल) – जनवरी 2018
डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिका) – फरवरी 2020
शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (UAE) – फरवरी 2024
इन सभी दौरों के दौरान वैश्विक नेताओं ने अहमदाबाद में रोडशो और द्विपक्षीय चर्चाओं में भाग लिया। अब जर्मन चांसलर मर्ज की यह यात्रा भारत-जर्मनी संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।