
नई दिल्ली।
घरेलू शेयर बाजार में बीते सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने की ताजा चेतावनी और वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद वैश्विक स्तर पर बने अनिश्चित माहौल का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 322.39 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,439.62 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 446.68 अंक टूटकर 85,315.33 के निचले स्तर तक पहुंच गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 78.25 अंक यानी 0.30 प्रतिशत फिसलकर 26,250.30 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले निफ्टी ने 26,373.20 अंक का रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था।
इन दिग्गज शेयरों में रही बिकवाली
सेंसेक्स की कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग और आईटी सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन ने बाजार पर दबाव बनाया।
इन शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
वहीं दूसरी ओर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), टाटा स्टील और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।
तेजी के संकेत देने वाले शेयर
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जिन शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है, उनमें
नेस्ले इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं। इन शेयरों ने अपना 52 सप्ताह का उच्च स्तर पार कर लिया है, जो इनमें आगे तेजी की संभावना को दर्शाता है।
इन स्टॉक्स में मंदी के संकेत
तकनीकी संकेतक एमएसीडी (MACD) के अनुसार एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मंदी के संकेत मिल रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इन शेयरों में फिलहाल दबाव बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर:
यह विश्लेषण बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकिंग फर्मों की राय पर आधारित है। नवभारत टाइम्स इसकी पुष्टि नहीं करता। निवेशकों को किसी भी तरह का निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि शेयर बाजार में जोखिम बना रहता है।