Saturday, January 31

झारखंड में SIR की तैयारी पूरी, यूपी की ड्राफ्ट लिस्ट कल होगी जारी रिपोर्टेड बाय: रवि सिन्हा

 

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देवघर: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने दो दिवसीय झारखंड दौरे के समापन पर मतदाता सूची के शुद्धिकरण और लोकतांत्रिक पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और त्रुटिरहित चुनाव के लिए मतदाता सूची का पूरी तरह से शुद्ध होना अनिवार्य है।

 

 

 

झारखंड में एसआईआर की तैयारियों पर संतोष

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारियां पूर्ण हैं। उन्होंने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार और सभी जिला कलेक्टर्स की सराहना की। उन्होंने भरोसा जताया कि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित होगी।

 

 

 

मतदाता सूची से विसंगतियों को हटाना संवैधानिक लक्ष्य

 

ज्ञानेश कुमार ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची में किसी भी मृत व्यक्ति, स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोगों, दोहरी प्रविष्टियों या गैर-नागरिकों का नाम होना असंवैधानिक है। अनुच्छेद 326 के तहत केवल योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाना चाहिए ताकि कोई वास्तविक मतदाता छूट न जाए।

 

 

 

बिहार में ‘जीरो अपील’ का रिकॉर्ड

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि बिहार में SIR प्रक्रिया इतनी सटीक और पारदर्शी रही कि साढ़े सात करोड़ मतदाताओं की सूची पर एक भी अपील दर्ज नहीं हुई। झारखंड और अन्य 12 राज्यों में भी यही स्तर सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

 

 

उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट सूची कल होगी जारी

 

उन्होंने आगे जानकारी दी कि देश के 12 में से 11 राज्यों की ड्राफ्ट सूची जारी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट सूची 6 जनवरी को आएगी। ड्राफ्ट सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाती है ताकि वे किसी भी त्रुटि की सूचना दे सकें। फिलहाल एक महीने की अवधि में ‘क्लेम्स एंड ऑब्जेक्शन’ की प्रक्रिया चलती है, जिसमें बूथ लेवल अधिकारियों की गलतियों को सुधारा जा सकता है। इसके बाद फाइनल सूची जारी होगी, जिस पर राजनीतिक दलों को कलेक्टर के पास अपील का अधिकार भी रहेगा।

 

 

 

इस तरह SIR अभियान पूरे देश में पारदर्शिता और त्रुटिहीन मतदाता सूची सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कदम बनकर उभरा है।

 

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