
पटना: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़ती ताकत और आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बिहार और केंद्रीय नेताओं के प्रति लगातार तीखी टिप्पणियाँ कर रही हैं। खासतौर पर उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के हालिया बयान के बाद बिहार के कद्दावर केंद्रीय मंत्री और सांसद गिरिराज सिंह ने पलटवार किया। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी या उनकी पार्टी टीएमसी ने बिहार पर हमला बोला हो।
अमित शाह को भी दिया निशाना
हाल ही में कोलकाता में हुई एक सभा में ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर तीखी टिप्पणियाँ की। उन्होंने कहा, “आप होटल में छुपकर बैठे हैं, हम नहीं चाहते तो आप होटल के बाहर एक कदम भी नहीं रख सकते थे। आप भाग्यशाली हैं कि हमने आपको होटल के बाहर निकलने दिया।” इस बयान को बीजेपी ने धमकी के रूप में प्रचारित किया।
बिहारियों को ‘गुंडा’ कह चुकी हैं ममता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के दौरान नंदीग्राम में भाषण में ममता बनर्जी ने बिहार और उत्तर प्रदेश से आए लोगों को गुंडा बताया था। उनका कहना था कि ये लोग चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश करेंगे। इस बयान पर उस समय राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की चुप्पी को बीजेपी ने निशाना बनाया।
बिहार के छात्रों के साथ मारपीट
साल 2024 में जब बिहार के छात्र पश्चिम बंगाल गए थे, उन्हें पीटा गया। वायरल वीडियो के बाद बीजेपी ने मामला उठाया। गिरिराज सिंह ने कहा कि बंगाल में रोहिंग्या मुसलमानों के लिए रेड कारपेट बिछाया जाता है, लेकिन परीक्षा देने आए बिहार के छात्रों के साथ मारपीट की जा रही है। इस विवाद के बाद राजद सुप्रीमो लालू यादव के हस्तक्षेप से छात्रों के साथ मारपीट करने वालों को गिरफ्तार किया गया।
जाली वोटर बनाने के आरोप
साल 2025 में ममता बनर्जी ने फिर बिहार पर हमला बोला। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी बिहार के लोगों के नाम पश्चिम बंगाल में वोटर सूची में जोड़ रही है। ममता का कहना था कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी वही रणनीति लागू कर रही है जो पहले दिल्ली और महाराष्ट्र में की गई।
राजनीतिक मजबूरी
विश्लेषकों के अनुसार, ममता बनर्जी के लिए यह राजनीतिक मजबूरी है कि वे बिहार को किसी न किसी बहाने निशाना बनाएं। पश्चिम बंगाल में बिहारियों की संख्या बढ़ रही है, जिसे वह चुनाव में खतरे के रूप में देखती हैं। इसके चलते बंगाल की राजनीति में स्थानीय मुद्दों को उठाकर ममता खुद को मजबूत करना चाहती हैं।
क्या दांव उल्टा पड़ सकता है?
ममता बनर्जी बिहारियों के प्रति नकारात्मक बोलकर उन्हें अपमानित करती हैं और बंगालियों को आदर्श नागरिक दिखाती हैं। साथ ही यह भी देखा गया है कि पूर्वांचल के वोटों पर भरोसा कर दिल्ली और महाराष्ट्र में सत्ता हासिल करने वाली बीजेपी अब पश्चिम बंगाल पर फोकस कर रही है। ऐसे में स्थानीय मुद्दों को उठाकर चुनावी रणनीति बनाना ममता के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ जोखिम भी लेकर आ सकता है।