
नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। मादुरो की पत्नी सीलिया फ्लोरस को भी हिरासत में लिया गया और उन्हें विशेष विमान से न्यूयॉर्क ले जाया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने मादुरो पर ड्रग ट्रैफिकिंग और अन्य गंभीर आपराधिक आरोप लगाए हैं।
लेकिन सवाल उठता है: क्या किसी देश को दूसरे देश के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने का अधिकार है?
अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है:
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, किसी देश को दूसरे देश के कार्यकारी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के उच्च पदाधिकारियों को गिरफ्तार करने या सैन्य बल का प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर (October 1945) के आर्टिकल 2(4) में स्पष्ट कहा गया है कि सभी सदस्य देश अन्य देशों की क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बल प्रयोग नहीं करेंगे।
चार्टर में दो अपवाद बताए गए हैं:
- यदि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद किसी देश पर कार्रवाई की अनुमति दे।
- आत्म-रक्षा के लिए हथियारबंद हमला होने पर प्रतिकार।
लेकिन किसी राष्ट्राध्यक्ष को भ्रष्टाचार या चुनावी धांधली के आरोपों के कारण दूसरे देश द्वारा गिरफ्तार करना कानूनी तौर पर अनुमत नहीं है।
मादुरो मामले में:
निकोलस मादुरो को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने कोई आदेश नहीं दिया था। अमेरिका का कहना है कि यह एक सैन्य अभियान का हिस्सा था। डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस का दावा है कि मादुरो ने कोलंबियाई गुरिल्ला समूह FARC के साथ मिलकर अमेरिका में कोकीन की तस्करी की।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की राय:
संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका की कार्रवाई को “खतरनाक मिसाल” बताया है। ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक शांति के लिए चिंता का विषय हैं।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय कानून में स्पष्ट है: किसी भी देश को दूसरे देश के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है, जब तक कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति या आत्म-रक्षा का मामला न हो।