
काराकास: अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला की राजधानी काराकास और अन्य राज्यों में संयोजित हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन हेलीकॉप्टर्स, जिनमें MH-47 चिनूक और MH-60 ब्लैक हॉक शामिल हैं, अंधेरी रात में वेनेजुएला की सुरक्षा प्रतिष्ठानों, मिलिट्री बेस और कमांड सेंटरों को निशाना बनाते हुए उड़ान भरते नजर आए।
स्थानीय रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया वीडियो में दिखाया गया है कि राजधानी के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में विस्फोटों की तेज आवाजें सुनाई दीं। हमले में राजधानी काराकास के मिलिट्री एयरफील्ड ला कार्लोटा, मुख्य बेस फुएर्टे ट्यूना और रक्षा मंत्री के आवास को निशाना बनाया गया। आसमान में उठते धुएं के गुबार और लगातार धमाके पूरे शहर में दहशत का माहौल पैदा कर रहे हैं।
अमेरिका का मकसद:
अमेरिकी प्रशासन ने इन हमलों का औचित्य ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए मादुरो पर कई अपराधियों और ड्रग कार्टेल को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वहीं, ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला में पिछले महीनों से सैन्य जमावड़ा किया हुआ था, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, 10 युद्धपोत और परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी शामिल थीं।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया:
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने हमले के तुरंत बाद आपातकाल लागू कर दिया और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाओं को सक्रिय करने का आदेश दिया। मादुरो ने हमलों को “सत्ता परिवर्तन के लिए साम्राज्यवादी हमला” बताया और कहा कि ये प्रयास वेनेजुएला के तेल और खनिज संसाधनों पर कब्ज़ा करने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से देश की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
विशेष जानकारी:
हमले का समय: शनिवार सुबह, स्थानीय समयानुसार 1:50 बजे
प्रभावित क्षेत्र: काराकास, मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा
अमेरिकी हेलीकॉप्टर्स: MH-47 चिनूक और MH-60 ब्लैक हॉक
उद्देश्य: मिलिट्री बेस, कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम और सुरक्षा प्रतिष्ठान निशाना
विश्लेषकों का कहना है कि ये हमले कॉर्डिनेटेड और हाई-रिस्क मिशन थे, जिनका उद्देश्य वेनेजुएला की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और सरकार को दबाव में लाना है।