
ढाका/शरियतपुर: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लिए सुरक्षा चिंता का विषय बन गया है। शरियतपुर जिले में 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास, जो दवा की दुकान चलाते थे, पर भीड़ ने हमला किया। हमला इतना क्रूर था कि उन्होंने उन्हें चाकू मारा, पीटा और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घायल खोकन दास को पास के तालाब में कूदकर जान बचाने की कोशिश करनी पड़ी, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घायल को तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मृतक की पत्नी ने बताया, “दुकान बंद करके घर लौटते समय हमला हुआ। हमें नहीं पता कि यह किसने किया। मेरे पति एक सीधे-साधे इंसान थे और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। हमें इंसाफ चाहिए।”
हिंदुओं पर बढ़ते हमले:
खोकन दास की हत्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाले हालिया हमलों की कड़ी है। पिछले दो हफ्तों में यह हिंदू समुदाय पर चौथा ऐसा हमला है। 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले में फैक्ट्री मजदूर दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी। 27 वर्षीय दीपू पर उसके सहकर्मी ने पैगंबर मोहम्मद के अपमान का आरोप लगाया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने कहा कि जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला।
विशेषज्ञ और मानवाधिकार संगठन इस घटनाक्रम को धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले के तौर पर देख रहे हैं और बांग्लादेश सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।