Friday, January 2

बिहार: हिजाब विवाद में फंसी डॉक्टर नुसरत परवीन को स्वास्थ्य विभाग ने दी अंतिम मौका, जॉइनिंग की समय-सीमा बढ़ाई

 

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पटना: बिहार में हिजाब विवाद की केंद्रीय पात्र डॉक्टर नुसरत परवीन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक और अवसर दिया है। हिजाब विवाद के कारण चर्चा में आई नुसरत परवीन अब 7 जनवरी 2026 तक अपनी ड्यूटी जॉइन कर सकती हैं। इससे पहले उनकी जॉइनिंग की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई थी, लेकिन उन्होंने अभी तक ड्यूटी जॉइन नहीं की है।

 

पटना के सिविल सर्जन डॉ. अविनाश सिंह ने कहा था कि निर्धारित समय के बाद जॉइनिंग संभव नहीं होगी। इसके बावजूद विभाग ने उन्हें एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देते हुए उदारता दिखाई है। नुसरत की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है कि वे ड्यूटी जॉइन करेंगी या नहीं।

 

हिजाब विवाद की पृष्ठभूमि

 

बिहार में बहुचर्चित हिजाब विवाद 15 दिसंबर 2025 को हुआ था। यह घटना पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित सरकारी नियुक्ति कार्यक्रम के दौरान सामने आई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवनियुक्त आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसी दौरान डॉक्टर नुसरत परवीन के हिजाब को लेकर मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

 

15 दिसंबर 2025: हिजाब विवाद की घटना

20 दिसंबर 2025: नुसरत की पहली जॉइनिंग डेडलाइन

31 दिसंबर 2025: दूसरी विस्तारित डेडलाइन

7 जनवरी 2026: स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंतिम अवसर

 

खाली पदों को भरने की मांग

 

इसी बीच, आयुष डॉक्टरों के संगठन ने पटना के गर्दनीबाग में धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि 2013 के बाद 2619 पदों के लिए बहाली निकली थी, लेकिन केवल 1283 उम्मीदवार चयनित हुए। अभी भी 1336 पद खाली हैं। डॉक्टरों ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को देखते हुए इन पदों को जल्द भरा जाए। उनका तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जनहित से जुड़े पद खाली नहीं रखे जा सकते।

 

बिहार में डॉक्टरों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीण PHC और CHC केंद्रों में डॉक्टरों की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में नुसरत परवीन की जॉइनिंग का मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

 

 

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