
गुजरात में नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर अटकलों के बीच बड़ी घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुजरात कैडर के सीनियर मोस्ट IPS अधिकारी डॉ. शमशेर सिंह को उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) से मुक्त कर दिया है।
BSF से लौटे गुजरात
1991 बैच के डॉ. शमशेर सिंह बीएसएफ में एडीशनल डायरेक्टर जनरल के पद पर तैनात थे। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से गुजरात कैडर में लौटाया गया है। शमशेर सिंह का रिटायरमेंट 31 मार्च 2026 को है।
गुजरात में 1990 बैच के IPS अधिकारी विकास सहाय 31 दिसंबर 2025 को डीजीपी पद से रिटायर हो चुके हैं। इसके बाद 1992 बैच के केएलएन राव को इंचार्ज डीजीपी बनाया गया था। लेकिन शमशेर सिंह की वापसी के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि उन्हें गुजरात का नया डीजीपी बनाया जा सकता है।
अनुभव और छवि
डॉ. शमशेर सिंह गुजरात में कानून-व्यवस्था और एंटी करप्शन ब्रांच जैसी बड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनकी कार्यशैली और अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि वह डीजीपी के कामकाज को सहजता से संभाल सकते हैं।
पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं
हालांकि गृह मंत्रालय ने शमशेर सिंह की गुजरात वापसी के पीछे कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है, जानकारों का कहना है कि 1991 बैच के सबसे सीनियर अधिकारी को राज्य में वापस भेजना एक रणनीतिक फैसला हो सकता है। अगर केंद्र सरकार इस पद को 1991 बैच से नीचे के किसी IPS अधिकारी को देती, तो यह पद संरचना के लिहाज से ठीक नहीं माना जाता।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शमशेर सिंह गुजरात लौटने के बाद कौन सी बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे, और क्या उन्हें डीजीपी के रूप में पदस्थ किया जाएगा।