
डबलिन: आयरलैंड अपनी आने वाली यूरोपियन यूनियन (EU) प्रेसिडेंसी का इस्तेमाल करते हुए पूरे यूरोप में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अनिवार्य ID वेरिफिकेशन लागू करने की योजना बना रहा है। आयरलैंड के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर साइमन हैरिस ने इस मुहिम की जानकारी दी और उम्मीद जताई कि अन्य यूरोपीय देश भी उनका साथ देंगे।
यह कदम एनोनिमस अकाउंट्स, बॉट्स और ऑनलाइन गाली-गलौज को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। हैरिस ने बताया कि आयरलैंड में डिजिटल सहमति की न्यूनतम उम्र 16 साल है, लेकिन इसे अभी प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया है।
हाल ही में डबलिन की एक महिला ने साइमन हैरिस और उनके परिवार को धमकी भरे मैसेज भेजे थे, जिसके कारण यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया। हैरिस का कहना है कि यह पहल टेक कंपनियों की जवाबदेही और यूजर्स की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगी।
इस प्रस्ताव से पहले ही अमेरिका और यूरोप के बीच टेक्नोलॉजी रेगुलेशन को लेकर तनाव बढ़ा है। वॉशिंगटन ने हाल ही में पांच प्रमुख यूरोपियन हस्तियों पर वीजा बैन लगाया था, जिन पर अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ “एक्स्ट्राटेरिटोरियल सेंसरशिप” लागू करने का आरोप था।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयरलैंड की यह पहल ऑनलाइन दुर्व्यवहार, फेक न्यूज़ और साइबर बुलिंग से निपटने में अहम साबित हो सकती है। अगर यह योजना सफल होती है, तो पूरे यूरोप में सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल स्पेस की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा।