
ताइपे: ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने नए साल के संदेश में चीन के विस्तारवादी प्रयासों को खुली चुनौती देते हुए द्वीप की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा की कसम खाई। राष्ट्रपति लाई ने कहा कि चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के सामने अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह देख रहा है कि ताइवानी लोग अपनी रक्षा के लिए कितने दृढ़ हैं।
लाई की टिप्पणी उस समय आई है जब कुछ दिन पहले चीन ने ताइवान के चारों ओर लाइव-फायर सैन्य अभ्यास किया था। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नए साल के मौके पर अपने संबोधन में ताइवान के एकीकरण को अपरिहार्य बताते हुए इसे समय की मांग कहा और चेताया कि इसे रोका नहीं जा सकता।
राष्ट्रपति का साफ संदेश:
लाई चिंग-ते ने कहा, “राष्ट्रपति के तौर पर मेरा रुख हमेशा स्पष्ट रहा है—राष्ट्रीय संप्रभुता की दृढ़ता से रक्षा करना, राष्ट्रीय रक्षा और पूरे समाज के लचीलेपन को मजबूत करना और एक प्रभावी लोकतांत्रिक रक्षा तंत्र का व्यापक निर्माण करना।”
अमेरिका की हथियार डील पर चीन की नाराजगी:
हाल ही में अमेरिका ने ताइवान को 11 अरब डॉलर से अधिक के हथियार सप्लाई करने की योजना बनाई है। यह ताइवान को दी जाने वाली अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी हथियार डील है, जिसमें मिसाइलें, ड्रोन, तोपखाने सिस्टम और मिलिट्री सॉफ्टवेयर शामिल हैं। ताइवान ने पिछले साल अपने रक्षा बजट में 40 अरब डॉलर का प्रावधान किया था, जिसमें हाई-लेवल एयर डिफेंस सिस्टम ‘ताइवान डोम’ का निर्माण भी शामिल है।
ताइवान का यह रुख चीन के लिए खुली चुनौती है, जबकि द्वीप अपनी सुरक्षा और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है।