
नए साल 2026 की शुरुआत गुजरात पुलिस महकमे के लिए यादगार बन गई। जब 31 दिसंबर की रात पुलिस के शीर्ष अधिकारी नए साल की सुरक्षा व्यवस्था में जुटे थे, उसी दौरान राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 14 आईपीएस अधिकारियों के प्रमोशन के आदेश जारी कर दिए। यह आदेश ठीक आधी रात के आसपास जारी हुआ, जिससे ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के लिए नया साल सचमुच “गुड न्यूज” लेकर आया।
इससे पहले 31 दिसंबर को ही राज्य सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी केएलएन राव को आईपीएस विकास सहाय के सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया था। इसके लगभग पांच घंटे बाद, जैसे ही नया साल शुरू हुआ, प्रमोशन सूची जारी कर दी गई।
डीजीपी, एडीजीपी, आईजी और डीआईजी रैंक पर प्रमोशन
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विभिन्न रैंकों में कुल 14 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। इसमें
डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP),
एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP),
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP)
और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DIG)
ग्रेड के प्रमोशन शामिल हैं।
नरसिम्हा कोमार बने डीजीपी रैंक अधिकारी
प्रमोशन सूची के तहत वडोदरा पुलिस आयुक्त नरसिम्हा कोमार (1996 बैच) को डीजीपी रैंक पर पदोन्नत किया गया है। मूल रूप से कर्नाटक निवासी नरसिम्हा कोमार गुजरात में ‘प्रोजेक्ट विश्वास’ के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
उनके साथ ही डॉ. प्रफुल्ला कुमार रौशन और डॉ. एस. पांडियन राजकुमार को भी डीजीपी रैंक पर प्रमोट किया गया है।
नीरज बड़गूजर, विपुल अग्रवाल और सारा रिजवी को भी तरक्की
प्रमोशन पाने वाले अन्य प्रमुख अधिकारियों में—
डॉ. विपुल अग्रवाल, जो वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) में प्रिंसिपल कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें एडीजीपी रैंक पर पदोन्नत किया गया है।
नीरज कुमार बड़गूजर, जो अभी अहमदाबाद शहर के सेक्टर-1 में अतिरिक्त आयुक्त हैं, अब आईजी बनाए गए हैं।
सारा रिजवी, जो जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं, उन्हें डीआईजी से आईजी ग्रेड में पदोन्नति दी गई है।
इसके अलावा बलराम मीणा, जो गुजरात के लोक भवन में पदस्थ हैं, का नाम भी प्रमोशन सूची में शामिल है।
नए साल पर पुलिस महकमे में उत्साह
न्यू ईयर की रात जारी हुए इन आदेशों से गुजरात पुलिस महकमे में उत्साह का माहौल है। इसे सरकार की ओर से अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।