
पटना: बिहार सरकार ने विधानसभा में एनडीए विधायकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस सूची में सबसे चर्चित नाम बनमनखी के भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि का है, जिन्हें सचेतक नियुक्त कर राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है।
कृष्ण कुमार ऋषि बिहार की राजनीति में एक जाना-माना चेहरा हैं। वे 2015 में भाजपा के टिकट पर बनमनखी से विधायक चुने गए और 2017 में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में पर्यटन मंत्री बने। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के रूप में महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी देव नारायण रजक को बड़े अंतर से हराया। उनकी कुल संपत्ति 3.8 करोड़ रुपये और देनदारी 31.3 लाख रुपये है।
हाल ही में कृष्ण कुमार ऋषि का नाम मीडिया में तब सुर्खियों में आया, जब पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के साथ उनकी तीखी अनबन हुई। विवाद बनमनखी थाना क्षेत्र के हरमुढ़ी में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान शुरू हुआ। सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने विधायक कृष्ण कुमार ऋषि के इशारे पर महादलितों के घर तोड़कर आग लगा दी। पलटवार में कृष्ण कुमार ऋषि ने पप्पू यादव और उनके समर्थकों पर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इस विवाद के बावजूद अब कृष्ण कुमार ऋषि को सरकार ने सचेतक की जिम्मेदारी देकर वीवीआईपी सूची में स्थान दिया है, जिससे उनके राजनीतिक कद में और वृद्धि हुई है।