Thursday, January 1

39 दिन तक मौत से लड़े तीन ‘नन्हे योद्धा’, 1 किलो के वजन पर भी नहीं हारी उम्मीद, अब घर लौटे

 

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सतना: सतना जिला अस्पताल ने इतिहास रच दिया है। मैहर के बुडेखन गांव की 28 वर्षीय रंजना पटेल के घर जन्मे तीन बच्चों ने जन्म के बाद 39 दिनों तक एसएनसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ी। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की दिन-रात मेहनत ने इन तीनों ‘नन्हे योद्धाओं’ को पूरी तरह स्वस्थ कर दिया।

 

21 नवंबर को जन्मे तीनों ट्रिपलेट का वजन क्रमशः 1.4 किलो, 1.6 किलो और 1 किलो था। जन्म के समय बच्चे बेहद कमजोर थे और सामान्य वजन से काफी कम थे। इन्हें तुरंत गहन नवजात चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों और नर्सों की सतत देखभाल में करीब 1 महीना 9 दिन तक उनका इलाज चला।

 

एसएनसीयू इंचार्ज डॉ. सुधांशु गर्ग ने बताया, “ऐसे कम वजन वाले ट्रिपलेट के मामलों में अक्सर एक या दो बच्चों की मृत्यु हो जाती है। लेकिन हमारी टीम ने हार नहीं मानी। लगातार निगरानी और बेहतर इलाज के कारण तीनों बच्चे सुरक्षित घर लौट सके।”

 

30 दिसंबर को तीनों बच्चों का वजन बढ़कर स्वस्थ स्तर पर पहुंच गया और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। रंजना पटेल और परिवार ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया और उन्हें भगवान का दर्जा दिया।

 

तीनों बच्चों का सुरक्षित घर लौटना सतना जिला अस्पताल के लिए गर्व का पल है और बुडेखन गांव में खुशी का माहौल है।

 

 

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