Thursday, January 1

रायपुर का मैग्नेटो मॉल नहीं झुका क्रिसमस पर हुई तोड़फोड़ के बाद फिर सजी सजावट, नववर्ष की पूर्व संध्या पर दिखी एकजुटता

 

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल ने हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटना के बावजूद कट्टरता के आगे घुटने नहीं टेके। क्रिसमस के दौरान सजावट को नुकसान पहुंचाए जाने के एक सप्ताह बाद मॉल प्रबंधन ने न केवल सजावट को फिर से बहाल किया, बल्कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर पूरे उत्साह के साथ शहरवासियों का स्वागत भी किया। इस दौरान मॉल में भारी भीड़ उमड़ी, जो सामाजिक एकजुटता और सौहार्द का प्रतीक बनी।

 

एक सप्ताह पहले बजरंग दल के कथित कार्यकर्ताओं द्वारा मॉल में लगी क्रिसमस सजावट को नुकसान पहुंचाया गया था। इस घटना की शहरभर में निंदा हुई और विभिन्न धर्मों व पृष्ठभूमि के लोगों ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए मॉल के साथ एकजुटता दिखाई।

 

“विरोध हो सकता है, हिंसा नहीं”

 

मॉल में पहुंचे रायपुर निवासी मनोज ने कहा, “मैं हिंदू हूं, लेकिन उस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। विरोध करना सबका अधिकार है, पर हिंसा किसी भी हाल में सही नहीं है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि नई पीढ़ी में अधिक समझ और सहिष्णुता दिखाई देती है। “मेरा बेटा कहता है कि हर किसी को खुश रहने और अपने त्योहार मनाने का अधिकार है। मुझे लगता है अगली पीढ़ी हमसे बेहतर है।”

 

35 फीट की ‘ग्रैंड बेल’ बनी आकर्षण

 

मॉल की दोबारा की गई सजावट का मुख्य आकर्षण 35 फीट ऊंची ‘ग्रैंड बेल’ रही, जिसे रोशनी, लाल-हरे कपड़े और सुनहरी सजावटी प्रतीकों से सजाया गया है। दूर से यह क्रिसमस ट्री का आभास देती है। यह दृश्य उस सजावट की याद दिलाता है, जिसे पिछले सप्ताह नुकसान पहुंचाया गया था।

 

सोशल मीडिया से मिली नई पहचान

 

सजावट देखने पहुंचे लोगों में मा शियाओ लिन भी शामिल थीं, जो अपने परिवार के साथ मॉल आई थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें इंस्टाग्राम पर वायरल रील से दोबारा सजावट की जानकारी मिली।

“हर कोई घर पर इतनी बड़ी थीम नहीं सजा सकता, इसलिए लोग यहां आते हैं, तस्वीरें लेते हैं और त्योहार का आनंद उठाते हैं,” उन्होंने कहा।

 

मॉल प्रबंधन द्वारा साझा की गई रील में तोड़फोड़ के दृश्यों और उसके बाद की नई सजावट की तुलना दिखाई गई है। इस रील को अब तक 1.83 लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं और अधिकांश टिप्पणियों में मॉल के साहसिक कदम की सराहना करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

 

आरोपी जमानत पर रिहा

 

इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह बजरंग दल कार्यकर्ताओं को सत्र न्यायालय से जमानत मिल चुकी है और उनके रिहा होने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, इस पर शहर में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

 

मॉल प्रबंधन की चुप्पी, भीड़ ने दिया जवाब

 

मॉल अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत से परहेज किया, केवल इतना कहा कि वे इस घटना से आगे बढ़ चुके हैं। उनकी वायरल रील में लिखा संदेश— “हमारी तोड़फोड़ की गई थी, लेकिन हम तैयार हैं, शहर को फिर से खुश करने के लिए”— लोगों तक उनकी भावना पहुंचाने के लिए काफी साबित हुआ।

 

नववर्ष की पूर्व संध्या पर मॉल में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत थी कि रायपुर ने नफरत और हिंसा के बजाय उत्सव, सहिष्णुता और साथ खड़े होने का रास्ता चुना है।

 

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