Thursday, January 1

नितिन नबीन की राज्यसभा राह में अड़चन? अमित शाह–गडकरी वाला ‘फॉर्मूला’ बन सकता है वजह

 

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बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली होने जा रही हैं और इन्हें लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। खास तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो संभावित सीटों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए नितिन नबीन को लेकर यह चर्चा जोरों पर थी कि राज्यसभा की एक सीट पर उनकी दावेदारी लगभग तय है। हालांकि, पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो इस कहानी में अब एक अहम मोड़ आ सकता है।

 

भाजपा सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन का राज्यसभा जाना तय नहीं है। पार्टी के भीतर इस बात पर गंभीर मंथन चल रहा है कि वे फिलहाल संगठन की बड़ी जिम्मेदारी संभालते हुए विधायक के रूप में ही काम करते रहें। इसके पीछे भाजपा का वही पुराना संगठनात्मक ‘फॉर्मूला’ बताया जा रहा है, जिसे पहले नितिन गडकरी और अमित शाह जैसे दिग्गजों पर आजमाया जा चुका है।

 

पहले भी विधायक रहते अध्यक्ष रहे दिग्गज

 

भाजपा के इतिहास पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष या शीर्ष संगठनात्मक पद पर रहते हुए राज्यसभा जाना अनिवार्य नहीं रहा है।

 

नितिन गडकरी वर्ष 2010 से 2013 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उस दौरान वे महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य थे। बाद में 2014 में नागपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। सबसे कम उम्र में भाजपा अध्यक्ष बनने वाले गडकरी संगठन और सरकार दोनों में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

 

इसी तरह अमित शाह भी विधायक रहते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे। वे 2012 से 2017 तक गुजरात के नरनपुरा से विधायक थे और इसी अवधि में पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते रहे। बाद में 2017 में वे राज्यसभा पहुंचे और फिर 2019 में गृह मंत्री बने।

 

नितिन नबीन पर लागू हो सकता है वही मॉडल

 

भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व इस निष्कर्ष पर पहुंच सकता है कि नितिन नबीन को फिलहाल राज्यसभा भेजने की बजाय संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जाए। ऐसे में राज्यसभा की सीट किसी अन्य वरिष्ठ या रणनीतिक चेहरे को दी जा सकती है।

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा संगठन को सरकार से ऊपर प्राथमिकता देती है और नितिन नबीन को संगठनात्मक मोर्चे पर लंबी पारी खेलने के लिए तैयार किया जा रहा है। यही वजह है कि अमित शाह और नितिन गडकरी वाला मॉडल नितिन नबीन के मामले में भी अपनाया जा सकता है।

 

राज्यसभा नामों पर अंतिम फैसला बाकी

 

फिलहाल भाजपा की राज्यसभा सूची को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि नितिन नबीन का नाम भले चर्चा में हो, अंतिम फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की रणनीति और संतुलन पर निर्भर करेगा।

 

 

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