
बिहार सरकार के सभी मंत्रियों ने पारदर्शिता के तहत वर्ष 2025 की अपनी चल-अचल संपत्तियों की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत 26 मंत्रियों की संपत्ति का विवरण सरकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इस संपत्ति विवरण में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में खासा ध्यान खींचा है। पहली बार मंत्री बनीं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के पास मौजूद गाड़ी न सिर्फ मुख्यमंत्री बल्कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों की निजी गाड़ियों से भी ज्यादा महंगी है।
नीतीश कुमार की निजी कार: फोर्ड ईकोस्पोर्ट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी संपत्ति घोषणा में बताया है कि उनके पास वर्ष 2015 मॉडल की फोर्ड ईकोस्पोर्ट कार है। इसकी कीमत उन्होंने 11 लाख 32 हजार 753 रुपये बताई है। यह उनकी निजी कार है, जिसका पंजीकरण नंबर XXXXX 0025 है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास बोलेरो नियो
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी स्वघोषणा में महिंद्रा बोलेरो नियो का जिक्र किया है। यह गाड़ी करीब 7 लाख रुपये की बताई गई है और इसका नंबर XXXXX 6789 है। यह बोलेरो का अपेक्षाकृत नया और मॉडिफाइड संस्करण है।
दीपक प्रकाश की फोर्ड फ्रीस्टाइल
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, जो पहली बार मंत्री बने हैं, ने अपनी संपत्ति में 2019 मॉडल की फोर्ड फ्रीस्टाइल कार का उल्लेख किया है। इसकी कीमत उन्होंने करीब 3 लाख रुपये बताई है। इसके अलावा उनके पास 2021 मॉडल की बजाज मोटरसाइकिल भी है, जिसकी कीमत 30 हजार रुपये दर्ज की गई है।
श्रेयसी सिंह की फॉर्च्यूनर सबसे महंगी
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की संपत्ति घोषणा सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्होंने बताया है कि उनके पास 2021 मॉडल की टोयोटा फॉर्च्यूनर SUV है, जिसकी कीमत 37 लाख 58 हजार रुपये है। खास बात यह है कि इस गाड़ी का नंबर XXXXX 0001 है, जिसे वीआईपी नंबर माना जाता है। इसके अलावा श्रेयसी सिंह के पास एक महिंद्रा स्कॉर्पियो भी है, जिसकी कीमत उन्होंने 16 लाख 76 हजार 791 रुपये बताई है।
मंत्री बनने से पहले ही आत्मनिर्भर
श्रेयसी सिंह की संपत्ति को लेकर यह भी उल्लेखनीय है कि वे मंत्री बनने से पहले से ही आत्मनिर्भर रही हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज रह चुकी हैं और खेल के जरिए उनकी पेशेवर कमाई रही है। ऐसे में महंगी गाड़ियों का स्वामित्व उनकी व्यक्तिगत आय से जुड़ा माना जा रहा है।
संपत्ति घोषणा से दिखी सादगी और पारदर्शिता
कुल मिलाकर मंत्रियों की संपत्ति घोषणा से जहां एक ओर पारदर्शिता का संदेश गया है, वहीं नेताओं की व्यक्तिगत जीवनशैली और संपत्तियों की झलक भी सामने आई है। खासकर युवा मंत्रियों की संपत्ति ने लोगों के बीच नई चर्चा को जन्म दिया है।