Thursday, January 1

लखनऊ में बहन की इज्जत के लिए आवाज उठाना पड़ा भारी, साजिश रचकर युवक की पीट-पीटकर हत्या

 

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। बहन को परेशान किए जाने का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोपियों ने साजिश के तहत युवक को सुनसान इलाके में ले जाकर बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया और शव को नहर किनारे खेत में फेंक दिया। इस वारदात से मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

 

मृतक की पहचान 21 वर्षीय अलमास के रूप में हुई है। अलमास अपने रिश्ते की बहन को लगातार परेशान किए जाने का विरोध कर रहा था। इसी रंजिश में उसके ही दोस्त बने दुश्मनों ने उसकी हत्या कर दी।

 

घर से निकला, फिर नहीं लौटा

 

मृतक के पिता रवि मोहम्मद ने 30 दिसंबर को पुलिस को सूचना दी थी कि उनका बेटा अलमास 29 दिसंबर की शाम करीब 7:30 बजे खुजौली जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। इसी दौरान 30 दिसंबर को मऊ बड़ी नहर के किनारे एक खेत में युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की पहचान अलमास के रूप में हुई।

 

100 से अधिक सीसीटीवी खंगालकर खुलासा

 

घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमों ने खुजौली–मऊ रोड समेत आसपास के इलाकों में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। गहन जांच के बाद पुलिस ने 31 दिसंबर को मात्र कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।

 

दो कसाई और एक फोटोग्राफर गिरफ्तार

 

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक और आरोपी एक ही मोहल्ले में रहते थे और आपस में दोस्त थे। मुख्य आरोपी रमजान मृतक की रिश्ते की बहन को परेशान करता था, जिसे लेकर पहले भी विवाद और मारपीट हो चुकी थी। इसी रंजिश के चलते रमजान ने अपने साथी अरमान और सूरज के साथ मिलकर अलमास की हत्या की साजिश रची।

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमजान, अरमान और सूरज के रूप में हुई है। रमजान और अरमान पेशे से कसाई हैं, जबकि सूरज फोटोग्राफर है। पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा, मृतक का मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है।

 

फोन कर बहाने से बुलाया, फिर उतारा मौत के घाट

 

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 29 दिसंबर की शाम वे दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान अरमान ने अलमास को फोन कर बुलाया। इसके बाद उसे दो मोटरसाइकिलों से अतरौली के पास ले जाया गया, लेकिन वहां लोगों की मौजूदगी देख आरोपी उसे मऊ बड़ी नहर की पटरी पर स्थित सुनसान जगह पर ले गए। वहां मजबूत यूकेलिप्टस के डंडे से अलमास के सिर पर वार किया गया। बेहोश होने के बाद भी आरोपियों ने उस पर लगातार हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

 

आरोपी जेल भेजे गए

 

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस नृशंस हत्याकांड ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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