Friday, June 26

This slideshow requires JavaScript.

अजमेर में 6 करोड़ की ठगी का खुलासा: VIP ट्रेड ऑपरेटर गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश

 

This slideshow requires JavaScript.

 

अजमेर जिले के किशनगढ़ में वीआईपी ट्रेड कंपनी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने कंपनी के मुख्य ऑपरेटर लोकेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। गांधीनगर थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

 

कब और कैसे शुरू हुआ VIP ट्रेड स्कैम

इस घोटाले की शुरुआत फरवरी 2025 में हुई थी, जब निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठे गए। जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालक और उसके सहयोगियों ने मिलकर निवेशकों को ठगने का जाल बिछाया।

 

पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी

इस मामले में पुलिस ने पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कंपनी डायरेक्टर लोकेश चौधरी, धीरज, कैशियर बलवीर वैष्णव और फाइनेंशियल असिस्टेंट नरेंद्र उर्फ नानू शामिल हैं। सभी आरोपियों पर निवेशकों को मोटे मुनाफे का लालच देकर बड़ी रकम ऐंठने का आरोप है।

 

जांच में नया मोड़: दो और आरोपी दबोचे

गांधीनगर थाना प्रभारी संजय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने दो और अहम आरोपियों हिदायत अली और कैलाश चौधरी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों निवेशकों से पैसा जुटाने और कंपनी में निवेश करवाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

 

कई आरोपी अभी फरार, जांच जारी

जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा और सिटी सीओ आईपीएस अजय सिंह राठौड़ की निगरानी में जांच जारी है। हजारों निवेशक इस घोटाले से प्रभावित हुए हैं। अभी कई आरोपी जैसे अब्दुल समद फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

 

30 लाख रुपये नकद जब्त, अन्य कंपनियों पर भी सवाल

पुलिस अब तक दो वाहन और करीब 30 लाख रुपये नकद जब्त कर चुकी है। हालांकि निवेशकों का कहना है कि यह राशि कुल ठगी के मुकाबले बहुत कम है। शहर में वीआईपी ट्रेड के अलावा क्रिप्टो मीडिया नेटवर्क, एनएफटी ट्रेजर, ईफोम और बिजी वेल्थ जैसी कंपनियों पर भी बड़े स्तर पर ठगी के आरोप लगे हैं। ईफोम घोटाले में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

 

Leave a Reply