


उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से ब्लैकमेलिंग की एक बेहद दुखद और गंभीर घटना सामने आई है। अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी और लगातार मानसिक उत्पीड़न से परेशान एक 20 वर्षीय युवती ने आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना पैलानी तहसील के चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव की है। आरोप है कि गांव का ही युवक मनीष निषाद पुत्र अर्जुन निषाद युवती से मोबाइल पर अश्लील बातचीत करता था। युवती के विरोध करने पर वह उसे धमकाने लगा कि उसके पास उसका अश्लील वीडियो है और यदि उसने शादी से इनकार किया तो वह वीडियो वायरल कर देगा।
बताया गया कि मनीष निषाद लगातार युवती पर शादी का दबाव बनाता रहा। धमकियों और सामाजिक बदनामी के भय के कारण युवती ने यह बात अपने परिवार से छिपाए रखी। मानसिक दबाव बढ़ने से वह पूरी तरह टूट गई।
परिजनों के अनुसार, 19 दिसंबर को घर में अकेले रहते हुए युवती ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जब परिजनों ने उसका मोबाइल फोन खंगाला, तब ब्लैकमेलिंग और धमकियों की पूरी सच्चाई सामने आई।
मृतका की मां ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि मनीष निषाद के साथ उसका भाई शैलेंद्र निषाद भी धमकियों में शामिल था। शिकायत करने पर दोनों ने परिवार को जान से मारने की धमकी दी। मां ने दोनों को दबंग प्रवृत्ति का बताते हुए किसी बड़े अपराध की आशंका भी जताई है।
चिल्ला थाना प्रभारी अनूप दुबे ने बताया कि तहरीर के आधार पर मनीष निषाद और शैलेंद्र निषाद के खिलाफ सुसंगत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक को सौंपी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह घटना न केवल साइबर ब्लैकमेलिंग की भयावहता को उजागर करती है, बल्कि समाज में महिलाओं पर पड़ रहे मानसिक दबाव और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
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