
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच में रविवार को हुए आतंकी हमले के बाद भारत की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने उच्चस्तरीय अलर्ट जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि भारत में यहूदी नागरिकों को संभावित आतंकवादी हमले का खतरा है।
जांच में सामने आया कि सिडनी के फायरिंग करने वाले दोनों शूटर पाकिस्तान के रहने वाले थे। लाहौर के पिता-पुत्र ने हनुक्का जश्न के दौरान भीड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें दर्जन से अधिक लोग मारे गए।
सुरक्षा एजेंसियों की सर्तकता
भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संभावित आतंकी हमले से जुड़ी खुफिया जानकारी मिलने के बाद अलर्ट पिछले सप्ताह ही जारी किया गया था और अब भी लागू रखा गया है।
यहूदी इलाकों में कड़ी निगरानी
खुफिया एजेंसियों ने यहूदी धर्मस्थलों, इजरायली संस्थानों और ऐसे रिहायशी इलाकों में कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया है, जहां इजरायली और यहूदी नागरिक रहते हैं। भारत में रह रहे इजरायली नागरिक और उनके परिवार भी संभावित आतंकवादी हमले के जोखिम में हैं।
सतर्क यहूदी समुदाय
भारत में लगभग 4,000 यहूदी रहते हैं, जिनमें भारतीय और विदेशी नागरिक शामिल हैं। मुंबई यहूदी जीवन का मुख्य केंद्र है, जहां सिनेगॉग, डे स्कूल और कोषेर भोजन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। सक्रिय संस्थाओं में काउंसिल ऑफ इंडियन ज्यूरी, बी’नाई ब्रिथ, बिकुर चोलिम, विमेन्स इंटरनेशनल ज़ायोनिस्ट ऑर्गनाइजेशन और हदासा शामिल हैं। हर साल करीब 50,000 इजरायली नागरिक भारत की यात्रा करते हैं।
पीएम मोदी ने की निंदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “मैं इस जघन्य आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। हम इस दुख की घड़ी में ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाता है।”