
अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्रों का सपना अक्सर वहां नौकरी करने का भी होता है। इसके लिए सबसे अहम होता है H-1B वीज़ा, जो 3 साल तक नौकरी करने की अनुमति देता है और इसे आगे बढ़ाकर 3 साल और लिया जा सकता है।
OPT और STEM-OPT से H-1B तक का सफर
अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र अक्सर ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) पर काम शुरू करते हैं। ज्यादातर कंपनियां OPT या STEM-OPT पर काम करने वाले छात्रों को ही H-1B वीज़ा के लिए स्पॉन्सर करती हैं। इसका कारण है कि ये छात्र पहले ही कंपनी के कल्चर और काम करने के तरीके से परिचित होते हैं।
लेकिन कई बार छात्रों को नहीं पता होता कि H-1B वीज़ा के लिए कंपनी से कैसे बात करनी है। सीधे स्पॉन्सरशिप मांगने पर कंपनियां अक्सर नकारात्मक रिएक्शन देती हैं।
एक्सपर्ट से जानें सही तरीका
इमिग्रेशन एक्सपर्ट श्रीराम अरुमेली ने बताया कि H-1B वीज़ा मिलने की प्रक्रिया चार हिस्सों में बंटी है:
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सही व्यक्ति की पहचान करें
सबसे पहले यह पता करें कि कंपनी में कौन H-1B स्पॉन्सरशिप का निर्णय लेता है – आपका मैनेजर या एचआर। -
संवाद शुरू करें, सीधे न मांगें
ईमेल या मीटिंग के जरिए बातचीत शुरू करें। हाइलाइट करें कि आप कंपनी में कैसे योगदान दे रहे हैं। स्पॉन्सरशिप की बात मीटिंग के अंत में ही करें, शुरुआत में बिल्कुल न। -
वैल्यू दिखाएँ, परिणाम साझा करें
बातचीत में अपनी प्रॉजेक्ट वैल्यू, योगदान और टीम में असर बताएं। अंत में politely पूछें कि क्या कंपनी आपको H-1B वीज़ा के लिए स्पॉन्सर कर सकती है और लॉटरी में शामिल होने के अवसर कितने बचें हैं। -
फॉलोअप का सही तरीका अपनाएँ
स्पॉन्सरशिप पर बार-बार पूछना गलत है। उचित समय पर पूछें, जैसे पिछली मीटिंग के संदर्भ में। सीधे मांगने की बजाय एक सकारात्मक और प्रोफेशनल फॉलोअप करें।
एक्सपर्ट की सलाह
श्रीराम अरुमेली कहते हैं, “जब आप कंपनी से सही तरीके से बात करेंगे, तो वह पॉजिटिव जवाब देगी। सीधे H-1B मांगना उल्टा असर डाल सकता है।”
इसलिए अगर आप अमेरिका में OPT पर काम कर रहे हैं, तो H-1B के लिए कंपनी से अप्रोच करने का यह क्रम अपनाएं, ताकि आसानी से वीज़ा स्पॉन्सरशिप मिल सके।
