Friday, February 13

अमेरिका में H-1B वीज़ा: लिंक्डइन प्रोफाइल तय करेगी वीज़ा मिलेगा या नहीं, USCIS ने बढ़ाई जांच

अमेरिका में यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) अब वर्क वीज़ा आवेदकों की प्रोफेशनल प्रोफाइल पर कड़ी नजर रख रहा है। खासकर H-1B वीज़ा और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों की लिंक्डइन प्रोफाइल को बारीकी से चेक किया जा रहा है।

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लिंक्डइन पर दी गई जानकारी से वीज़ा आवेदन तय

USCIS अधिकारी जॉब के इतिहास, जॉब टाइटल, समयावधि और करियर ग्रोथ जैसी जानकारियों की पुष्टि लिंक्डइन प्रोफाइल के जरिए कर रहे हैं। अगर आवेदन में दी गई जानकारी और लिंक्डइन प्रोफाइल में अंतर पाया जाता है, तो आवेदन रिजेक्ट होने का खतरा बढ़ जाता है।

इमिग्रेशन वकीलों का कहना है कि भले ही यह अंतर अनजाने में हुआ हो, USCIS इसे गंभीर मामला मान सकता है। यह जांच वीज़ा नियमों के तहत पूरी तरह वैध है और अब अधिकारियों को सिर्फ जमा किए गए दस्तावेज़ों पर भरोसा नहीं है।

क्यों लिंक्डइन को बनाया निशाना?

लिंक्डइन को इसलिए निशाने पर लिया गया है क्योंकि कई पेशेवर इसे अपने करियर को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

  • कई बार एक ही समय में दो जगह काम करने की जानकारी दी जाती है।

  • कुछ कंपनियों में कार्य का विवरण वीज़ा आवेदन में नहीं बताया जाता।

  • करियर ब्रांडिंग के लिए प्रोफाइल अपडेट करने से वास्तविक जानकारी में अंतर आ सकता है।

इस वजह से USCIS अब सोशल मीडिया प्रोफाइल की डिटेल्स मांग रहा है और आवेदन में दी गई जानकारियों से मेल खाती हैं या नहीं, इसकी पूरी जांच कर रहा है।

वकीलों की सलाह

इमिग्रेशन वकीलों का कहना है कि वीज़ा आवेदन में दी गई सभी जानकारियां लिंक्डइन प्रोफाइल पर भी सही होनी चाहिए। इससे वीज़ा आवेदन सुरक्षित रहेगा और अप्रत्याशित रिजेक्शन से बचा जा सकेगा।

विदेश में नौकरी के लिए अमेरिका जाने वाले छात्र और प्रोफेशनल्स के लिए यह एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर हमेशा सत्य और सटीक जानकारी रखें।

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