Wednesday, February 11

दीया कुमारी के बजट में पर्यटन को बड़ा बूस्ट, खाटू श्यामजी, पुष्कर और खुरी में बड़ी योजनाओं का ऐलान

जयपुर (संब्रत चतुर्वेदी) – राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण में प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने वाली कई महत्वाकांक्षी घोषणाएं की हैं। इस बजट में सरकार ने धरोहर संरक्षण, धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक पर्यटन को प्रमुखता दी है।

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दीया कुमारी ने चार बड़े पहलुओं पर जोर दिया है:

1. खुरी में अल्ट्रा लक्ज़री पर्यटन जोन और थार सांस्कृतिक सर्किट
जैसलमेर के खुरी क्षेत्र में अल्ट्रा लक्ज़री विशेष पर्यटन क्षेत्र (STZ) स्थापित किया जाएगा। कुलधरा में पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधा केंद्र का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, जालोर, जोधपुर और बाड़मेर को जोड़ते हुए ‘थार सांस्कृतिक सर्किट’ विकसित किया जाएगा। झुंझुनूं में वॉर म्यूज़ियम की स्थापना की भी योजना है।

2. धार्मिक स्थलों और तीर्थ मार्गों का सौंदर्यीकरण
पुष्कर, खाटू श्यामजी, देशनोक, डिग्गी और मंडावा के प्रवेश मार्गों को मॉडल सड़कों के रूप में विकसित कर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। प्रमुख त्योहारों जैसे होली और दीपावली पर मंदिरों में विशेष सजावट और आरती आयोजन के लिए प्रावधान होंगे।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत 6,000 बुजुर्गों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ (काठमांडू) सहित अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी, जबकि 50,000 वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिलेगा।

3. शेखावाटी हवेलियों का संरक्षण और वैश्विक पहचान
शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के अंतर्गत झुंझुनूं, सीकर और चूरू की 660 से अधिक हवेलियों में फसाड सुधार, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे। इच्छुक मालिकों को इन्हें पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। साथ ही, हवेलियों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास भी किए जाएंगे। राज्यभर की चिन्हित बावड़ियों का संरक्षण और पुनरुद्धार भी योजना का हिस्सा है।

4. ग्रामीण पर्यटन और नई नीतियां
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे संचालकों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा। टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स का सौंदर्यीकरण, महिला कर्मियों की तैनाती और गाइड सुविधाओं के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देवस्थान विभाग की रिक्त भूमि पर बीओटी मॉडल से धर्मशालाएं विकसित करने के लिए नई नीति लाई जाएगी। इसके अलावा सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना भी प्रस्तावित है।


इस बजट के जरिए राजस्थान सरकार ने पर्यटन, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को विकास की नई उड़ान देने वाला बताया है।

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