
इंदौर: नगर निगम के पूर्व सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि उन्होंने अपनी सैलरी से 175% अधिक संपत्ति अर्जित कर ली थी। जब ईडी ने इसके स्रोत का हिसाब मांगा, तो परमार कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
कुर्क की गई संपत्तियां:
ईडी ने राजेश परमार और उनके परिवार के नाम दर्ज 1 करोड़ 6 लाख रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। इसमें शामिल हैं:
एक आवासीय मकान
एक प्लॉट
एक फ्लैट
कृषि भूमि
जांच का आधार:
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत की गई। ईडी की जांच भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। आरोप है कि परमार ने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
घोषित आय से 175% अधिक संपत्ति:
जांच में सामने आया कि वर्ष 2007 से 2022 के बीच परमार ने करीब 1 करोड़ 66 लाख रुपये की संपत्ति जुटाई, जो उनकी घोषित आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक है। ईडी ने करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये को संदिग्ध और अवैध आय माना।
बैंक खातों और नकद राशि:
जांच एजेंसी के अनुसार परमार और उनके परिवार के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा किया गया। यह राशि विभिन्न खातों के माध्यम से जमा कर संपत्तियों की खरीद में उपयोग की गई। पूछताछ के दौरान परमार इस धन के वैध स्रोत से जुड़े कोई ठोस दस्तावेज नहीं पेश कर सके।
संपादक की टिप्पणी:
ईडी की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और संपत्ति का वैध स्रोत न होने पर कठोर कदम उठाने का उदाहरण है।
