Tuesday, February 10

यवतमाल के स्कूल में पाकिस्तानी गीत पर बच्चों का डांस, हाथों में तलवारें देख मचा बवाल

यवतमाल। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले से एक वीडियो सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला उमरखेड नगर परिषद के सरकारी उर्दू स्कूल का बताया जा रहा है, जहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी सैन्य गीत पर डांस किया। इस दौरान कुछ बच्चों के हाथों में तलवारें भी नजर आईं। वीडियो वायरल होते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

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यह कार्यक्रम 31 जनवरी को स्कूल परिसर में आयोजित किया गया था। वायरल वीडियो में बच्चे एक गीत पर नाचते दिख रहे हैं और तलवारें लहराते हुए प्रस्तुति दे रहे हैं। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

भाजपा पार्षद ने दर्ज कराई शिकायत

भाजपा नगरसेवक गोपाल कलाने ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम सत्तारूढ़ पैनल के महापौर, अध्यक्ष और नगरसेवकों की मौजूदगी में हुआ, लेकिन किसी ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की।

गोपाल कलाने ने कहा कि स्कूल बच्चों को “नन्हे मुजाहिद” बनाने जैसा माहौल तैयार कर रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।

गीत में ‘इस्लाम के दुश्मनों पर हमले’ का आरोप

भाजपा नेताओं का आरोप है कि छात्रों ने जिस गीत पर प्रस्तुति दी, वह पाकिस्तान का 1965 भारत-पाक युद्ध से जुड़ा सैन्य गीत है, जिसमें कथित तौर पर “इस्लाम के दुश्मनों पर हमले” जैसी बातें कही गई हैं।

भाजपा महासचिव महेश कालेश्वरकर ने कहा कि सरकारी स्कूल में इस प्रकार का गीत और तलवारों के साथ प्रदर्शन देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने जल्द मामला दर्ज नहीं किया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

धारा 152 के तहत कार्रवाई की मांग

भाजपा नेताओं ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के तहत कार्रवाई की मांग की है और इसे भारत-विरोधी प्रचार करार दिया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

थानेदार शंकर पांचाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो, स्कूल के रिकॉर्ड और कार्यक्रम की अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

शिक्षा विभाग ने आरोपों को बताया गलत

वहीं स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों ने आरोपों को खारिज किया है। शिक्षा अध्यक्ष रसूल पटेल ने कहा कि छात्रों द्वारा प्रस्तुत गीत 1857 के स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित था और इसका उद्देश्य बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित करना था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म विशेष का प्रचार या राष्ट्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच जारी है और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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