
पटना। बिहार में महिला सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर राजनीति के केंद्र में आ गया है। पटना में NEET की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और राज्य में बढ़ती महिला हिंसा के खिलाफ आज राजधानी में बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। बजट सत्र के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और ऑल प्रोग्रेसिव वूमेन एसोसिएशन (AIPWA) ने बिहार विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
प्रदर्शन के तहत मंगलवार को गांधी मैदान से विधानसभा तक ‘न्याय मार्च’ निकाला जाएगा, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। इसे लेकर प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में है।
‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ का पटना में समापन
जानकारी के अनुसार जहानाबाद से 4 फरवरी को शुरू हुई ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ का समापन सोमवार को पटना में हुआ। इसी क्रम में आज संगठन गांधी मैदान में जुटकर विधानसभा की ओर कूच करेंगे।
संगठनों का कहना है कि राज्य में महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और सरकार इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
निजी हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों के सुरक्षा ऑडिट की मांग
AISA और AIPWA ने मांग की है कि बिहार के सभी निजी हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। संगठनों का आरोप है कि चुनाव के बाद राज्य में महिला हिंसा की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिस पर उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
इसके अलावा, महिला एवं बाल अपराध मामलों में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को भयमुक्त वातावरण में न्याय दिलाने की मांग भी उठाई गई है।
NEET छात्रा मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ी NEET छात्रा की मौत के मामले में संगठनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस सबूतों को छिपाने और परिजनों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
हालांकि इस मामले में सीबीआई जांच की अनुशंसा हो चुकी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच में देरी को लेकर भी विरोध तेज हो गया है। माना जा रहा है कि आज सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार को कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
