
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान में शनिवार को बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दशकों में सबसे बड़ा समन्वित हमला किया। क्वेटा, नोशकी, मस्तंग, दलबांदिन, कलात, खारान, पंजगुर, ग्वादर, पसनी, तुरबत, टंप, बुलेदा, मैंगोचर, लासबेला, केच और अवारान सहित 12 शहरों में पुलिस चौकियों, सरकारी भवनों और अर्धसैनिक बलों के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
BLA ने इस ऑपरेशन का नाम “हेरोफ 2” रखा है। हेरोफ बलूची शब्द है जिसका अर्थ है “काला तूफान”। इसमें आत्मघाती हमलावर और महिला लड़ाके भी शामिल थे। पाकिस्तान सेना का दावा है कि 145 विद्रोहियों को मार गिराया गया, जबकि BLA ने सरकारी दावों को खारिज करते हुए खुद के भारी सफलताएँ होने का दावा किया है।
इस हमले में कम से कम 31 आम नागरिक और 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल मृतकों की संख्या 200 से अधिक हो सकती है।
बलूचिस्तान, पाकिस्तान के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रांत है। यहां का ग्वादर बंदरगाह और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) अरबों डॉलर के निवेश का केंद्र हैं। इसके अलावा प्राकृतिक गैस, कोयला, तांबा, सोना और दुर्लभ खनिजों का विशाल भंडार भी यहां मौजूद है। यही कारण है कि इस हमले ने चीन और अमेरिका दोनों के लिए चिंता पैदा कर दी है।
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि बलूच विद्रोहियों की इस सफलता ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को चेतावनी दी है। BLA का उद्देश्य बलूचिस्तान की पाकिस्तान से स्वतंत्रता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संसाधनों का बाहरी शोषण और न्यूनतम लाभ ही विद्रोह का मुख्य कारण हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि पाकिस्तान सरकार ने बलूचों से संवाद स्थापित नहीं किया और संसाधनों के वितरण में सुधार नहीं किया, तो बलूचिस्तान की स्थिति और अस्थिर हो सकती है।