
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के 22 लाख नागरिकों के लिए पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। वजीराबाद और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण 20 विधानसभा क्षेत्रों के लोग कई दिनों तक पानी की कमी का सामना कर सकते हैं।
यमुना नदी में अमोनिया का स्तर सामान्य से पांच गुना अधिक होने के कारण दोनों प्लांटों को पर्याप्त कच्चा पानी नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को यमुना में अमोनिया का स्तर 5 पीपीएम दर्ज किया गया, जबकि सामान्य स्तर केवल 0.9 पीपीएम है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक यह स्तर कम नहीं होता, तब तक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से पानी नहीं दे पाएंगे।
वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से 123 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पानी सप्लाई होता है, जिसमें नॉर्थ, सेंट्रल और पुरानी दिल्ली के 11 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस प्लांट की कुल सप्लाई क्षमता 131 एमजीडी है। वहीं, चंद्रावल प्लांट से 96 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 9 विधानसभा क्षेत्रों को पानी मिल रहा है, इसकी कुल क्षमता 95 एमजीडी है। दोनों प्लांटों में कच्चा पानी यमुना नदी से वजीराबाद रिजर्वायर के माध्यम से आता है।
पानी की किल्लत का एक और कारण है हैदरपुर से ट्वीन लाइन के जरिए मुनक नहर से पर्याप्त पानी न मिलना। इससे दोनों प्लांटों में पानी उत्पादन घट गया और कई इलाकों में सप्लाई बाधित हो गई।
वजीराबाद प्लांट से जुड़े इलाके: संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, बुराड़ी, मॉडल टाउन, केशवपुरम, पंजाबी बाग, शकूर बस्ती, जहांगीरपुरी, पौरागढ़ी, अवंतिका, पीतमपुरा, शालीमार बाग।
चंद्रावल प्लांट से जुड़े इलाके: सराय रोहिल्ला, गुलाबी बाग, नारायणा विहार, नेहरू नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, पंजाबी बस्ती, सदर बाजार, करोल बाग, पहाड़गंज, पटेल नगर, झंडेवाला, बापा नगर, देव नगर, ओल्ड राजेंद्र नगर, कश्मीरी गेट, आरके पुरम, तुर्कमान गेट।
जल बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि यमुना में अमोनिया का स्तर सामान्य होने के बाद ही पानी की आपूर्ति पूरी क्षमता से शुरू हो सकेगी।