
मालदा/नई दिल्ली।
देश के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन हावड़ा (पश्चिम बंगाल) और कामाख्या (असम) के बीच चलेगी, जिससे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के बीच रेल संपर्क को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री इन दिनों पश्चिम बंगाल और असम के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कई अहम रेल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर रहे हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही मालदा पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर चुके थे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत स्लीपर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्राओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें कुल 16 वातानुकूलित कोच हैं, जिनमें एक साथ 823 यात्रियों के सफर की क्षमता है। यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चल सकती है, जिससे यात्रा का समय काफी कम होगा।
रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन यात्रियों को किफायती किराए पर हवाई जहाज जैसी आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।
किराया विवरण (एक तरफ का)
थर्ड एसी (3AC):
- हावड़ा–कामाख्या: ₹2,299
- हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी: ₹1,334
- हावड़ा–मालदा टाउन: ₹960
सेकंड एसी (2AC):
- हावड़ा–कामाख्या: ₹2,970
- हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी: ₹1,724
- हावड़ा–मालदा टाउन: ₹1,240
फर्स्ट एसी (1AC):
- हावड़ा–कामाख्या: ₹3,640
- हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी: ₹2,113
- हावड़ा–मालदा टाउन: ₹1,520
उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत को जोड़ने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी 18 जनवरी को भी कई अहम रेल सेवाओं की शुरुआत करेंगे। वे गुवाहाटी (कामाख्या)–रोहतक और डिब्रूगढ़–लखनऊ (गोमती नगर) के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा चार अन्य अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को वर्चुअली रवाना किया जाएगा, जो उत्तर बंगाल, उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच संपर्क को मजबूत करेंगी।
युवाओं और आईटी पेशेवरों को सीधी कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री दो नई एलएचबी कोच वाली ट्रेनों—राधिकापुर–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस और बालुरघाट–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस—को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनसे छात्रों, युवाओं और आईटी पेशेवरों को बेंगलुरु जैसे प्रमुख रोजगार केंद्रों तक सीधी, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी।
विकास की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री का यह दौरा पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और सामाजिक एकीकरण को नई मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। रेलवे परियोजनाओं से आम नागरिकों, व्यापारियों, प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।