Monday, February 16

technology

Redmi Note 15 5G रिव्यू: 15 दिन इस्तेमाल के बाद अनुभव – डिस्प्ले और बैटरी शानदार, लेकिन कैमरा और परफॉर्मेंस हैं औसत
technology

Redmi Note 15 5G रिव्यू: 15 दिन इस्तेमाल के बाद अनुभव – डिस्प्ले और बैटरी शानदार, लेकिन कैमरा और परफॉर्मेंस हैं औसत

Redmi Note 15 5G भारत में लॉन्च हो गया है। यह मिड रेंज 5G स्मार्टफोन 108MP कैमरा, 5520mAh बैटरी और Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर के साथ आता है। फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले इसकी खासियत है। मैंने इसे 15 दिन तक इस्तेमाल किया और अनुभव साझा कर रही हूँ। डिज़ाइन और डिस्प्ले फोन का 3D कर्व्ड डिस्प्ले और स्लिम 7.35mm डिज़ाइन इसे पकड़ने में आसान बनाता है। बैक पैनल प्लास्टिक का ग्लॉसी फिनिश वाला है, जिसमें Mi लोगो और प्रभावी कैमरा मॉड्यूल है। स्क्रीन 6.67 इंच AMOLED है, 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ। स्क्रॉलिंग स्मूथ और टच रेस्पॉन्स शानदार है। पीक ब्राइटनेस 3200 nits, और ऑटो ब्राइटनेस 20,000 लेवल तक। इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर तेजी से काम करता है। निष्कर्ष: डिस्प्ले और डिज़ाइन काफी अच्छे हैं, दैनिक उपयोग में आकर्षक अनुभव देते हैं। कैमरा बैक में 1...
काला नहीं हूं इसलिए नहीं मिली मंजूरी? एलन मस्क ने साउथ अफ्रीका में स्टारलिंक न चलने का बताया कारण
technology

काला नहीं हूं इसलिए नहीं मिली मंजूरी? एलन मस्क ने साउथ अफ्रीका में स्टारलिंक न चलने का बताया कारण

एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक (Starlink) दुनिया के कई देशों में उपलब्ध है, लेकिन अभी भी कुछ देशों में इसकी सेवाएं शुरू नहीं हुई हैं। इनमें से एक देश है साउथ अफ्रीका, जहां मस्क ने हाल ही में एक बयान में कहा कि उन्हें देश में सेवा शुरू करने की मंजूरी इसलिए नहीं मिली, क्योंकि वह अश्वेत (काले) नहीं हैं। मस्क का बयान और विवाद मस्क ने कहा कि साउथ अफ्रीका में लगभग 140 कानून अश्वेत या ब्लैक समुदाय को प्राथमिकता देते हैं और अन्य रंग के लोगों के लिए जगह नहीं है। उन्होंने इसे सोशल मीडिया पोस्ट में साझा किया और कहा कि यही कारण है कि स्टारलिंक वहां काम नहीं कर पा रहा। वास्तविक वजह क्या है? बीबीसी और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, मस्क का दावा केवल बयान तक सीमित है। सच्चाई यह है कि स्टारलिंक ने साउथ अफ्रीका में लाइसेंस के लिए आवेदन ही नहीं किया। पिछले साल साउथ अफ्रीका का विदेश मं...
एक वीडियो ने कमाए 9 करोड़ रुपये, ‘Fireplace 10 Hours’ यूट्यूब चैनल की सफलता की कहानी
technology

एक वीडियो ने कमाए 9 करोड़ रुपये, ‘Fireplace 10 Hours’ यूट्यूब चैनल की सफलता की कहानी

यूट्यूब पर क्रिएटिव और साधारण वीडियो भी करोड़ों की कमाई का जरिया बन सकते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है 'Fireplace 10 Hours' नामक यूट्यूब चैनल। करीब 9 साल पहले इस चैनल ने 10 घंटे की एक फायरप्लेस वीडियो अपलोड की थी, जिसने लगभग 1 मिलियन डॉलर (करीब 9 करोड़ रुपये) की कमाई कर दी। क्या है यह वीडियो यह 10 घंटे की लूपिंग वीडियो है, जिसमें जलती लकड़ियों का दृश्य और आग की आवाज़ लगातार चलती रहती है। वीडियो खासकर सर्दियों और क्रिसमस के समय लोकप्रिय होती है। लोग इसे घर पर, टैक्सी पार्लर, स्टूडियो, कैफे और रेस्टोरेंट में बैकग्राउंड में चलाते हैं। चैनल को इस वीडियो के बाद कोई नया वीडियो अपलोड नहीं किया गया, फिर भी इसके 1,11,000 से अधिक सब्सक्राइबर और 150 मिलियन व्यूज हैं। कमाई का राज़ वीडियो के लगातार चलने के कारण विज्ञापन बार-बार चलते हैं, जिससे सालाना लगभग 1.4 करोड़ रुपये का रेवन्...
फोन और ई-कचरे से सिर्फ 20 मिनट में निकला 98% सोना, चीनी वैज्ञानिकों ने खोजी नई सस्ती और सुरक्षित तकनीक
technology

फोन और ई-कचरे से सिर्फ 20 मिनट में निकला 98% सोना, चीनी वैज्ञानिकों ने खोजी नई सस्ती और सुरक्षित तकनीक

चीन के वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कचरा) से सोना निकालने की एक नई और बेहद किफायती प्रक्रिया विकसित की है। इस नई तकनीक की मदद से सिर्फ 20 मिनट में पुराने मोबाइल फोन और घरेलू उपकरणों के सर्किट बोर्ड से 98 प्रतिशत सोना निकाला जा सकता है। पुराने तरीके थे महंगे और खतरनाक पारंपरिक सोना निकालने की प्रक्रियाओं में अक्सर साइनाइड जैसे जहरीले रसायनों का उपयोग होता है, जो न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनते हैं। नई तकनीक कैसे काम करती है चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेस के तहत गुआंगज़ौ इंस्टीट्यूट ऑफ एनर्जी कन्वर्ज़न और साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने इसे विकसित किया है। यह सेल्फ-कैटेलिटिक लीचिंग मैकेनिज्म पर आधारित है। इसमें किसी भी तरह के कॉर्रोसिव रिएजेंट या एक्सटर्नल कैटलिस्ट की जरूरत नहीं होती। प्रक्रिया का तरीका: पोटेशिय...
राशन कार्ड से नाम गायब? अब सिर्फ एक मैसेज में घर बैठे करें शिकायत
technology

राशन कार्ड से नाम गायब? अब सिर्फ एक मैसेज में घर बैठे करें शिकायत

अब राशन कार्ड से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए व्हाट्सऐप पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा शुरू की है। इससे राशन कार्ड में नाम जोड़ने या हटवाने, राशन न मिलने, गलत एंट्री या दाम बढ़ाने जैसी समस्याओं का समाधान घर बैठे किया जा सकेगा। कैसे करें शिकायत अपने मोबाइल से व्हाट्सऐप नंबर 9868200445 पर मैसेज भेजें। आप क्यूआर कोड स्कैन करके भी सीधे चैट शुरू कर सकते हैं। मैसेज में Hi लिखें। आपको भाषा चुनने के विकल्प मिलेंगे। यह सुविधा हिंदी, अंग्रेजी और 12 रीजनल भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें गुजराती, पंजाबी और मराठी शामिल हैं। इसके बाद अपना राशन कार्ड नंबर डालें। फिर आपको पूछे जाने वाले स्टेप्स का पालन करते हुए अपनी शिकायत दर्ज कर दें। बिना इंटरनेट भी संभव यदि आपके क्षेत्र में इंटरनेट की सुविधा नहीं है ...
पाकिस्तान ने ब्लॉक किए 10 करोड़ मोबाइल, भारत में भी उठाने की जरूरत: नकली और क्लोन फोन पर कड़ा नियंत्रण
technology

पाकिस्तान ने ब्लॉक किए 10 करोड़ मोबाइल, भारत में भी उठाने की जरूरत: नकली और क्लोन फोन पर कड़ा नियंत्रण

पाकिस्तान की टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) ने हाल ही में 10 करोड़ मोबाइल फोन ब्लॉक करने का बड़ा कदम उठाया है। इनमें 7.2 करोड़ फोन नकली और 2.7 करोड़ फोन क्लोन या डुप्लीकेट IMEI वाले थे। इसके अलावा, 8.68 लाख हैंडसेट चोरी या खोए हुए पाए गए। इस कार्रवाई का उद्देश्य ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्थानीय मोबाइल निर्माण को बढ़ावा देना बताया गया है। DIRBS सिस्टम से मिली सफलता PTA ने इस कार्रवाई के लिए डिवाइस आइडेंटिफिकेशन रजिस्ट्रेशन एंड ब्लॉकिंग सिस्टम (DIRBS) का उपयोग किया। यह सिस्टम मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) नियम, 2021 के तहत लागू किया गया था। DIRBS के माध्यम से पाकिस्तान में केवल सत्यापित और नियमों का पालन करने वाले मोबाइल नेटवर्क पर काम कर पाएंगे। इससे देश में मोबाइल स्मगलिंग और अनधिकृत डिवाइस के उपयोग को काफी हद तक रोका जा सका है। स्थानीय मोबाइल उत्पादन में बढ़ोतरी इस कदम के प्रभाव से ...
Future Tech: Motorola ला रहा AI पेंडेंट, पहनकर मिलेगी स्मार्ट असिस्टेंस
technology

Future Tech: Motorola ला रहा AI पेंडेंट, पहनकर मिलेगी स्मार्ट असिस्टेंस

नई दिल्ली। CES 2026 में Motorola ने एक नया AI वियरेबल डिवाइस पेश किया है, जिसे गले में लॉकेट की तरह पहना जा सकेगा। इस डिवाइस में कोई स्क्रीन या बटन नहीं है, लेकिन यह आपके आस-पास के माहौल को समझकर सुझाव देगा और कई काम अपने आप करेगा। Motorola का यह AI असिस्टेंट QIRA पर काम करता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह डिवाइस सामने मौजूद चीजों को पहचान सकता है, लंबा कंटेंट कम शब्दों में समझा सकता है और फोन अनलॉक करके कैब बुक करने जैसे कार्य भी कर सकता है। डिजाइन में है मिनिमलिस्ट अंदाज डिवाइस छोटा और आकर्षक है, मोती जैसी चमक के साथ गोल किनारे और पतली चेन से लटका रहता है। बीच में Motorola का लोगो और एक छोटा कैमरा व सेंसर लगा है। स्क्रीन और बटन की जगह स्पीकर और माइक्रोफोन दिए गए हैं। चुनौतीपूर्ण होगा मार्केट में सफर भले ही Motorola का यह AI पेंडेंट एक नई दिशा दिखाता है, लेकिन पहले के AI वियरेबल डिवाइस ...
22 साल बाद Gmail में सबसे बड़ा बदलाव, इनबॉक्स में आया AI ओवरव्यू Gemini AI से बदलेगा ईमेल का अनुभव, सुंदर पिचाई को याद आया ‘अप्रैल फूल’
technology

22 साल बाद Gmail में सबसे बड़ा बदलाव, इनबॉक्स में आया AI ओवरव्यू Gemini AI से बदलेगा ईमेल का अनुभव, सुंदर पिचाई को याद आया ‘अप्रैल फूल’

नई दिल्ली। गूगल ने अपनी लोकप्रिय ईमेल सेवा Gmail में 22 साल बाद अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। कंपनी ने Gmail के इनबॉक्स में Gemini AI को शामिल करते हुए कई अत्याधुनिक फीचर्स लॉन्च किए हैं, जिनमें सबसे अहम है AI ओवरव्यू, जो लंबे और जटिल ईमेल थ्रेड्स को सेकंडों में समझने लायक सार में बदल देगा। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फीचर इतना प्रभावशाली है कि उन्हें Gmail के शुरुआती दौर के ‘अप्रैल फूल’ वाले मजाक की याद आ गई, जब 1GB स्टोरेज की घोषणा पर लोगों को भरोसा नहीं हुआ था। Gemini AI से ‘स्मार्ट’ बनेगा Gmail इनबॉक्स गूगल के मुताबिक, Gemini AI के जुड़ने से Gmail अब केवल ईमेल पढ़ने का प्लेटफॉर्म नहीं रहेगा, बल्कि यह एक बुद्धिमान AI असिस्टेंट की तरह काम करेगा। यूजर को लंबे ईमेल पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि AI खुद बताएगा कि मेल का सार...
AI से महिलाओं की तस्वीरों से हो रहा अभद्र छेड़छाड़: जानिए इंटरनेट से अश्लील फोटो-वीडियो हटवाने का आसान और प्रभावी तरीका
technology

AI से महिलाओं की तस्वीरों से हो रहा अभद्र छेड़छाड़: जानिए इंटरनेट से अश्लील फोटो-वीडियो हटवाने का आसान और प्रभावी तरीका

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक जहां एक ओर सुविधाओं और नवाचार का जरिया बनी है, वहीं दूसरी ओर इसका दुरुपयोग गंभीर सामाजिक चिंता का कारण बनता जा रहा है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक खतरनाक ट्रेंड सामने आया है, जिसमें AI की मदद से महिलाओं की तस्वीरों को अश्लील रूप में बदला जा रहा है। एलन मस्क की कंपनी xAI के चैटबॉट Grok का इस तरह के मामलों में इस्तेमाल किए जाने से यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है। सिर्फ एक-दो पंक्तियों के निर्देश (प्रॉम्प्ट) देकर तस्वीरों से कपड़े “डिजिटली हटाने” जैसे कृत्य किए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ महिलाओं की निजता का हनन हो रहा है, बल्कि उनकी सामाजिक छवि और मानसिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। क्या इंटरनेट से ऐसी तस्वीरें हटवाई जा सकती हैं? इस सवाल का जवाब है—हां। अगर किसी की तस्वीर या वीडियो बिना सहमति के अश्लील रूप...
यूपी ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी: मिनटों में ऐसे जांचें अपना नाम, कट गया हो तो जानें जोड़वाने की पूरी प्रक्रिया
technology

यूपी ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी: मिनटों में ऐसे जांचें अपना नाम, कट गया हो तो जानें जोड़वाने की पूरी प्रक्रिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 2026 जारी कर दी गई है। चुनाव आयोग की ओर से जारी इस सूची में करीब 2 करोड़ 89 लाख नामों में बदलाव किया गया है। ऐसे में प्रदेश के हर मतदाता के लिए यह जांचना बेहद जरूरी हो गया है कि उसका नाम सूची में शामिल है या नहीं। राहत की बात यह है कि इसके लिए किसी बीएलओ या सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। मतदाता घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन यह जांच कर सकते हैं। घर बैठे कैसे चेक करें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम चुनाव आयोग ने मतदाताओं को नाम जांचने के लिए कई आसान विकल्प दिए हैं— पहला तरीका (EPIC नंबर से): मतदाता को चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाना होगा। यहां “Search your Name in Voter List” विकल्प पर क्लिक कर वोटर आईडी (EPIC) नंबर और कैप्चा दर्ज करना होगा। सर्च बटन दबाते ह...