‘धरना 3 घंटे का नहीं, बोरिया-बिस्तर का नाम है’, राकेश टिकैत ने युवा किसान नेताओं को दिया कड़ा संदेश
रामबाबू मित्तल, मुजफ्फरनगर: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने युवा कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि अब संगठन के नाम पर किए जाने वाले तीन घंटे के धरने बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उनका कहना है कि धरना आखिरी विकल्प होता है, जिसमें कार्यकर्ता बोरिया-बिस्तर बांधकर घर से निकलते हैं और कम से कम 72 घंटे तक आंदोलन स्थल पर रहते हैं।
मुझे खेद है कि आजकल युवा किसान नेता धरना के नाम पर केवल तीन घंटे बैठकर लौट जाते हैं। यह सही नहीं है। अब इस पर सख्त लगाम लगेगा। टिकैत ने कहा कि यह नियम केवल युवाओं के लिए नहीं, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं पर लागू होगा।
युवा कार्यकर्ताओं के लिए विशेष ट्रेनिंग
सम्मेलन में टिकैत ने बताया कि संगठन में सबसे ज्यादा धरना-प्रदर्शन युवा वर्ग करता है, लेकिन कई बार वे संगठनात्मक नियमों की अनदेखी कर देते हैं। इसे देखते...










