Monday, April 6

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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी सुलझाने एफएसएल जांच शुरू, 33 साक्ष्यों की जांच जयपुर में
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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी सुलझाने एफएसएल जांच शुरू, 33 साक्ष्यों की जांच जयपुर में

जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत अब तक रहस्य बनी हुई है। मामले की तह तक जाने के लिए जांच एजेंसियां हर संभावित पहलू पर काम कर रही हैं। साध्वी की मौत के जिस कमरे में घटना हुई, वहां से मिट्टी, कंघा, बाल, बर्तन, बिस्तर की चादर और कपड़े सहित कुल 33 अलग-अलग नमूने जुटाए गए हैं। ये सभी नमूने और विसरा अब जयपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) भेज दिए गए हैं। राजस्थान एफएसएल के निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि यह पहला मामला है जिसमें किसी संदिग्ध मौत की जांच के लिए इतने अधिक सैंपल एकत्र किए गए हैं। घटना के पांच दिन बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) ने साध्वी के कमरे का निरीक्षण कर बर्तनों, डस्टबिन और अन्य सैंपलों को भी जांच में शामिल किया। इंजेक्शन और दवाइयों की भी जांचप्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि साध्वी को दो बार इंजेक्शन लगाया गया था। इस कारण दोनों सिरिंज, इंजेक्शन क...
बीकानेर में खेजड़ी बचाने की मांग पर अनिश्चितकालीन अनशन, तीसरे दिन भी जारी
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बीकानेर में खेजड़ी बचाने की मांग पर अनिश्चितकालीन अनशन, तीसरे दिन भी जारी

बीकानेर में खेजड़ी वृक्षों को बचाने के लिए चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन का तीसरा दिन भी जारी है। कड़ाके की सर्दी और मुश्किल मौसम के बावजूद आंदोलनकारियों का संकल्प अडिग है। बिश्नोई धर्मशाला के सामने इस मुहिम में 450 से अधिक पर्यावरण प्रेमी और संत, जिनमें 50 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं, लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। आंदोलन में शामिल लोगों ने किसी भी समझौते से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक खेजड़ी वृक्षों की सुरक्षा के लिए ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा। आंदोलनकारियों का मानना है कि यह संघर्ष केवल पेड़ों के लिए नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी आंदोलन में समर्थन देने का संकल्प व्यक्त किया। महेंद्रकुमार ने आंखों पर पट्टी बांधकर अनशन की शपथ लीअनशन स्थल पर महेंद्...
शहीद अग्निवीर करणसिंह को दी गई अंतिम विदाई, 11 किमी लंबी तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
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शहीद अग्निवीर करणसिंह को दी गई अंतिम विदाई, 11 किमी लंबी तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

श्रीमाधोपुर (सीकर): राजस्थान के लाल अग्निवीर करणसिंह राठौड़ का पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में शहादत के बाद बुधवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के सम्मान में 11 किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए और 'करणसिंह अमर रहे', 'भारत माता की जय' जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शहीद की पार्थिव देह सुबह 8:30 बजे श्रीमाधोपुर थाना पहुंची। यहां से यात्रा शुरू होकर उनके पैतृक गांव कंचनपुर-जोरावरनगर की 'राठौड़ों की ढाणी' तक चली। रास्ते में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर वीर सपूत को अंतिम नमन किया। मां से आखिरी बातचीत:करणसिंह ने शहादत से सिर्फ तीन घंटे पहले अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी। उन्होंने हंसते हुए कहा कि वे ड्यूटी से लौट आए हैं और अब खाना खाकर आराम करेंगे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी अंतिम बातचीत होगी।...
PNB बैंक घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा: ग्राहकों के सोने से मैनेजर ने बनाया करोड़ों का साम्राज्य
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PNB बैंक घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा: ग्राहकों के सोने से मैनेजर ने बनाया करोड़ों का साम्राज्य

झुंझुनूं (नवलगढ़): नवलगढ़ के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में सामने आए 6.50 करोड़ रुपये के गोल्ड घोटाले ने बैंकिंग जगत और आम जनता को हिला कर रख दिया है। बैंक मैनेजर अमित कुमार जांगिड़ पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों का 4 किलो से अधिक सोना चोरी कर अपने निजी संपत्ति और व्यवसाय के लिए इस्तेमाल किया। घोटाले का खुलासा तब हुआ जब 28 जनवरी को स्ट्रॉन्ग रूम की जिम्मेदारी नई उप प्रबंधक सीमा महला को सौंपा गया। जांच में सामने आया कि 73 पैकेटों में रखा असली सोना गायब था और उनकी जगह नकली आभूषण रख दिए गए थे। कुल 4 किलो 198 ग्राम सोना चोरी कर लिया गया, जबकि तिजोरी की दो चाबियां तत्कालीन मैनेजर और उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी के पास थीं। सोने से खरीदी जमीन, स्थापित किया डेयरी प्लांटजांच में यह भी पता चला कि अमित जांगिड़ ने चोरी किए गए सोने के पैसों से सीथल क्षेत्र में करोड़ों की जमीनें खरीदीं और वहां बड़ा डेयरी...
सरकारी शिक्षकों को महायज्ञ और रामकथा में ड्यूटी? डोटासरा ने विधानसभा में उठाया सवाल
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सरकारी शिक्षकों को महायज्ञ और रामकथा में ड्यूटी? डोटासरा ने विधानसभा में उठाया सवाल

जयपुर: राजस्थान में शिक्षा विभाग से जुड़े एक कथित आदेश को लेकर प्रदेशभर में हलचल मची हुई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा में इस मामले पर तंज कसते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से स्पष्टीकरण मांगा। डोटासरा ने सवाल उठाया कि क्या अब सरकारी स्कूलों के मास्टर केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें नौ दिवसीय महायज्ञ और रामकथा जैसे धार्मिक आयोजनों की भी जिम्मेदारी निभानी होगी। मंगलवार को विधानसभा में डोटासरा ने कहा कि शिक्षक शिक्षा के बजाय धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल किए जाएं, तो यह न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ है, बल्कि सरकारी शिक्षकों के कर्तव्यों के दायरे का भी उल्लंघन है। उनके इस बयान के बाद सदन के बाहर भी यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया। शिक्षक संगठनों और आमजन के बीच इस कथित आदेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई शिक्षक यह जानने में...
3 करोड़ की धांधली में गिरफ्तार बलजीत यादव के पुराने बयान फिर सुर्खियों में 100 रुपये की रिश्वत पर बोले थे: रिकॉर्ड लाकर दूंगा वापस, 51 हजार का इनाम भी
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3 करोड़ की धांधली में गिरफ्तार बलजीत यादव के पुराने बयान फिर सुर्खियों में 100 रुपये की रिश्वत पर बोले थे: रिकॉर्ड लाकर दूंगा वापस, 51 हजार का इनाम भी

जयपुर। बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को एमएलए फंड से 3.72 करोड़ रुपये की कथित धांधली के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार के बाद उनके पुराने भ्रष्टाचार विरोधी बयान फिर चर्चा में हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ दृढ़ रुख निर्दलीय विधायक रहते हुए बलजीत यादव ने 2022 में जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर सुबह से शाम तक दौड़ लगाई थी, इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई का प्रतीक बताया। साथ ही उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में पोस्टर लगवाकर घोषणा की थी:"मेरे क्षेत्र में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी ₹100 की भी रिश्वत मांगे, तो उसका रिकॉर्ड बनाकर मुझे लाया जाए। मैं उसे वापस दिलाऊंगा और शिकायतकर्ता को ₹51,000 का इनाम दूंगा।" ईडी की जांच और 3.72 करोड़ का खर्च ईडी के अनुसार, 24 जनवरी 2025 को जयपुर, दौसा और बहरोड़ में बलजीत यादव से जुड़े 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किया गय...
‘नेताओं के बच्चे सरकारी स्कूल जाएं, तभी सुधरेंगे हालात’, रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा में जमकर दहाड़े सरकारी शिक्षा की गिरती स्थिति पर शिव विधायक का तीखा हमला, नीति-निर्धारकों पर निशाना
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‘नेताओं के बच्चे सरकारी स्कूल जाएं, तभी सुधरेंगे हालात’, रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा में जमकर दहाड़े सरकारी शिक्षा की गिरती स्थिति पर शिव विधायक का तीखा हमला, नीति-निर्धारकों पर निशाना

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सदन में सरकारी शिक्षा के गिरते स्तर पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने दो टूक कहा कि ‘जब तक नेताओं और रसूखदारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक स्कूलों की दशा नहीं सुधरेगी।’ नेताओं की दोहरी नीति पर भाटी का हमला भाटी ने आरोप लगाया कि आज के नीति-निर्धारक केवल अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करते हैं और उन्हें प्राइवेट स्कूलों में भेजते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि नेताओं के बच्चे उन्हीं स्कूलों में पढ़ेंगे जहां आम जनता के बच्चे बैठते हैं, तो छतों की हालत, शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं की कमी रातों-रात सुधर जाएगी। आम जनता से सरोकार का सवाल भाटी ने जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में बढ़ते ड्रॉपआउट रेट का हवाला देते हुए कहा कि नेताओं का आम जनता के बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है। य...
अजमेर में कलेक्टर के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट, इंटरनेशनल नंबर की जांच के निर्देश जिला प्रशासन ने साइबर सेल को जांच का आदेश, आमजन से सतर्क रहने की अपील
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अजमेर में कलेक्टर के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट, इंटरनेशनल नंबर की जांच के निर्देश जिला प्रशासन ने साइबर सेल को जांच का आदेश, आमजन से सतर्क रहने की अपील

अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले से चिंताजनक मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों ने इंटरनेशनल नंबर का इस्तेमाल करते हुए जिला कलेक्टर लोक बंधु की फोटो लगाकर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। यह अकाउंट कलेक्टर के नाम से संचालित हो रहा था, जिससे आम लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही थी। जांच के आदेश, साइबर सेल सक्रिय फर्जी अकाउंट की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश जारी किए। साइबर सेल और संबंधित एजेंसियों को इस पूरे प्रकरण की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को आशंका है कि अकाउंट का उपयोग ठगी, गलत सूचना फैलाने या प्रशासनिक काम को बदनाम करने के लिए किया जा सकता है। एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि अकाउंट किसने बनाया और किन लोगों से संपर्क किया गया। आमजन से सतर्क रहने की अपील जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से कहा है कि: किसी भ...
IAS टॉपर Tina Dabi के रहते भी रेगिस्तानी जिलों में सूखती शिक्षा की जड़ें: 5 साल में 30.9% बच्चे छोड़ चुके स्कूल जैसलमेर और बाड़मेर में बढ़ा ड्रॉपआउट, सिर्फ गरीबी नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाओं की कमी भी वजह
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IAS टॉपर Tina Dabi के रहते भी रेगिस्तानी जिलों में सूखती शिक्षा की जड़ें: 5 साल में 30.9% बच्चे छोड़ चुके स्कूल जैसलमेर और बाड़मेर में बढ़ा ड्रॉपआउट, सिर्फ गरीबी नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाओं की कमी भी वजह

जयपुर। राजस्थान के रेगिस्तानी जिले जैसलमेर और बाड़मेर में शिक्षा का संकट गहरा गया है। संसद में पेश सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 सालों में यहां 30.9% तक छात्र स्कूल छोड़ चुके हैं। यह स्थिति इसलिए और चौंकाने वाली है क्योंकि यूपीएससी टॉपर और चर्चित आईएएस टीना डाबी इन जिलों की कमान संभाल चुकी हैं। वह वर्तमान में बाड़मेर की कलेक्टर हैं और इससे पहले जैसलमेर में कार्यरत रही हैं। प्राइमरी से आगे नहीं बढ़ पा रहे कदम लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा पेश आंकड़ों के अनुसार, प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर के बीच 26.4% छात्र ने स्कूल छोड़ दिया है। जैसलमेर में कुल ड्रॉपआउट दर 30.9%, सेकेंडरी स्तर पर 15.3% बाड़मेर में कुल दर 21.3% इस आंकड़े से स्पष्ट है कि छात्र प्राइमरी से मिडिल और सेकेंडरी शिक्षा की ओर बढ़ते समय सबसे अधिक पढ़ाई छोड़ रहे हैं। सिर्फ गरीबी नहीं, ...
अलवर ने रचा इतिहास: देश का पहला जिला, जहां 10 गांव के सभी लोगों को शत-प्रतिशत बीमा सुरक्षा ‘सबको बीमा अभियान-2047’ के तहत 1,367 बीमाविहीन ग्रामीणों को कवर, दानदाताओं ने वहन किया प्रीमियम
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अलवर ने रचा इतिहास: देश का पहला जिला, जहां 10 गांव के सभी लोगों को शत-प्रतिशत बीमा सुरक्षा ‘सबको बीमा अभियान-2047’ के तहत 1,367 बीमाविहीन ग्रामीणों को कवर, दानदाताओं ने वहन किया प्रीमियम

अलवर। राजस्थान के अलवर ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मिसाल कायम की है। जिले ने देश का पहला ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जहां 10 गांवों के सभी पात्र ग्रामीणों को शत-प्रतिशत बीमा सुरक्षा प्रदान की गई है। मंगलवार को नौ गांवों को औपचारिक रूप से पूर्ण बीमित घोषित किया गया, जबकि एक गांव देसूला को पहले ही पूर्ण बीमित ग्राम का दर्जा मिल चुका था। जमीनी स्तर पर साकार हुई राष्ट्रीय परिकल्पना यह उपलब्धि भारत सरकार और भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) द्वारा संचालित ‘सबको बीमा अभियान-2047’ के अंतर्गत हासिल की गई। इस पहल का उद्देश्य ‘सुरक्षित भारत–बीमित भारत’ की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर लागू करना है। अलवर जिले ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाते हुए देश में एक नई मिसाल कायम की है। 9 गांवों के 1,367 लोगों को मिला सुरक्षा कवच मंगलवार को जिले के नौ गांवों में कुल 4,861 निवासियों में से 10 वर्ष से अधिक आ...