नौगाम धमाका: क्या टल सकता था हादसा? विशेषज्ञों ने उठाए गंभीर सवाल, बोले—‘यह लापरवाही नहीं, हत्या है’
नई दिल्ली/श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में रखे गए विस्फोटकों में हुए जोरदार धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना में एफएसएल के तीन कर्मचारियों सहित 9 लोगों की मौत हो गई और 32 लोग घायल हुए। अब इस हादसे को लेकर विशेषज्ञों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल और SOP का पालन होता, तो यह धमाका पूरी तरह टाला जा सकता था।
‘यह दुर्घटना नहीं, हत्या है’ — पूर्व एफएसएल डायरेक्टर
जम्मू-कश्मीर फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के पूर्व डायरेक्टर आर.एल. धर ने नौगाम धमाके पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने कहा—
“यह एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या है। एफएसएल स्टाफ विस्फोटकों को हैंडल करने के लिए प्रशिक्षित नहीं होता। उनकी भूमिका सिर्फ विश्लेषण और पहचान तक सीमित है।”
धर का आरोप है कि
रात के वक्त एफएसएल स्टाफ को मौके पर बुलाना गलत था
घटनास्थल पर को...










