प्रोटेम स्पीकर बने ‘स्पीकर’ की राह: 2000 के सदानंद विवाद के बाद अब नरेंद्र नारायण यादव का नाम चर्चा में
पटना: बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गलियारों में सियासी मंथन जारी है। बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) दोनों दल आगामी चुनावों को देखते हुए महत्वपूर्ण जातीय समीकरण साधने की रणनीति में जुटे हैं।बीजेपी में 9 बार विधायक रहे अति पिछड़ा नेता प्रेम कुमार का नाम चर्चा में है, वहीं उप मुख्यमंत्री रेणु देवी को भी संभावित दावेदार के रूप में रखा गया है, ताकि चुनावी गणित में आधी आबादी और अति पिछड़ा वर्ग दोनों को साथ रखा जा सके।
जनता दल (यू) की ओर से पहले अति पिछड़ा दामोदर रावत का नाम सामने आया था, अब जदयू के गलियारों में एक और नाम उभर रहा है—प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव। माना जा रहा है कि जदयू यादव कार्ड खेलकर अपने वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है।
यादगार रहा सदानंद सिंह विवाद
वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव के बाद कुछ दिनों के लिए नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे। उस समय भाजपा ने 67 औ...









