Wednesday, April 8

Life Style

पिता का ध्यान न देने पर मां के लिए बच्चों की परवरिश क्यों बन जाती है चुनौतीपूर्ण? एक्सपर्ट ने बताईं 3 बड़ी वजहें
Life Style

पिता का ध्यान न देने पर मां के लिए बच्चों की परवरिश क्यों बन जाती है चुनौतीपूर्ण? एक्सपर्ट ने बताईं 3 बड़ी वजहें

अगर पिता अपने बच्चों के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं, तो यह मां के लिए बच्चों की परवरिश को चुनौतीपूर्ण बना देता है। पेरेंटिंग विशेषज्ञों के अनुसार, पिता की कम भागीदारी का असर सीधे मां और बच्चों दोनों पर पड़ता है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स ने क्यों बताई यह मुश्किलें और इसके पीछे की तीन बड़ी वजहें। मां को निभानी पड़ती हैं दोहरी भूमिका पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा के अनुसार, जब पिता भावनात्मक या व्यावहारिक रूप से मौजूद नहीं होते, तो मां को बच्चों की परवरिश में केयरटेकर और कंट्रोलर दोनों भूमिकाएं निभानी पड़ती हैं। इस दोहरे दबाव में मां की अथॉरिटी धीरे-धीरे कमजोर पड़ती है और बच्चे सीमा (limit) को पार करने लगते हैं। बच्चों का व्यवहार बनता है चयनात्मक टीनएजर बच्चे महसूस करते हैं कि मां जल्दी गिल्ट महसूस कर लेती हैं और डर के कारण पीछे हट जाती हैं। इसलिए बच्चे मां पर चिल्लाते हैं और पिताजी के...
प्रदूषण में सूखी खांसी को हल्के में न लें, ENT डॉ. ने बताए 5 लक्षण
Life Style

प्रदूषण में सूखी खांसी को हल्के में न लें, ENT डॉ. ने बताए 5 लक्षण

डॉक्टरों की सलाह है कि प्रदूषण से होने वाली सूखी खांसी को मामूली समझकर नजरअंदाज न किया जाए। समय पर डॉक्टर से परामर्श लेने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है और फेफड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। आज की हवा में PM 2.5 और PM 10 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों में सीधे जमा हो जाते हैं। इससे फेफड़ों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचता है और सूजन आ सकती है। बच्चों पर इसका असर और भी गंभीर होता है क्योंकि उनके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हुए होते। कब दिखाएं डॉक्टर को डॉ. राजेश भारद्वाज, कंसल्टेंट, मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर, के अनुसार: अगर सूखी खांसी 2–3 हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। लंबे समय तक चलने वाली खांसी फेफड़ों में सूजन या किसी बीमारी की ओर इशारा कर सकती है। चेतावनी के संकेत ज्यादा गाढ़ा कफ: खांसी के साथ बलगम ज्यादा या गाढ़ा आने लगे, तो बलगम की जां...
5 मिनट में छिल जाएगी एक किलो मटर, घंटों मेहनत की नहीं पड़ेगी जरूरत
Life Style

5 मिनट में छिल जाएगी एक किलो मटर, घंटों मेहनत की नहीं पड़ेगी जरूरत

मटर की डिशेज़ तो सबको पसंद हैं, लेकिन किलो भर मटर छीलना अक्सर किसी चुनौती से कम नहीं होता। घंटों उंगलियों की मेहनत और समय की बर्बादी से बचने के लिए ‘आराध्या की रसोई’ ने एक आसान और कमाल का तरीका बताया है। सिर्फ गर्म पानी और बेलन की मदद से आप 5 मिनट में एक किलो मटर छील सकते हैं। मटर को हल्का उबालें सबसे पहले मटर की फलियों को नरम करना जरूरी है। एक बड़े बर्तन में पर्याप्त पानी उबालें और मटर डाल दें। ध्यान रहे कि मटर पूरी तरह पानी में डूबे। इसे सिर्फ 1 मिनट तक उबालें, जिससे मटर के छिलके ढीले और नरम हो जाएँ, जबकि दाने अंदर से ताजगी बनाए रखें। कपड़े की पोटली बनाएं उबली मटर को छानकर एक साफ सूती कपड़े या किचन टॉवल में रखें और पोटली की तरह बांध दें। आप इसे ऊपर से रबर बैंड या गांठ से बंद कर सकते हैं। कपड़ा मोटा होना चाहिए ताकि बेलन चलाते समय दाने दब कर पिचके नहीं। बेलन का इस्तेमाल अब पोटली को क...
मुंबई में भी सादगी का जादू: रिंकू सिंह की मंगेतर प्रिया सरोज बनीं सबकी नजरों का केंद्र
Life Style

मुंबई में भी सादगी का जादू: रिंकू सिंह की मंगेतर प्रिया सरोज बनीं सबकी नजरों का केंद्र

क्रिकेटर रिंकू सिंह की सांसद मंगेतर प्रिया सरोज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मुंबई पहुंचकर उन्होंने अपनी सादगी और संस्कार दिखाकर सबका दिल जीत लिया। प्रिया ने काली साड़ी और नीले सूट में अपनी फोटोज शेयर की, जिसमें उनका देसी और एलिगेंट लुक देखने को मिला। काली साड़ी में दिखा सुंदर रूप मुंबई के गोवंडी में आयोजित कार्यक्रम में प्रिया ने काली साड़ी पहनकर पहुंचकर अपनी सिंपलिसिटी दिखाई। साड़ी का लाल बॉर्डर सुनहरी स्ट्राइप्स से हाइलाइट किया गया था, जिससे क्लासी और परफेक्ट लुक मिला। उन्होंने पल्लू को हाफ ओपन में प्लीट्स बनाकर ड्रैप किया, जो उनकी स्टाइल को और भी खूबसूरत बना रहा था। ब्लाउज भी सिंपल राउंड नेक और हाफ स्लीव्स वाला था, जिस पर साड़ी के रंगों के अनुसार रेड और गोल्डन टच दिया गया। जूलरी में उन्होंने पर्ल स्टड इयररिंग्स, पेंडेंट और ब्रेसलेट पहना। छोटी काली बिंदी और ब्राउन लिप शेड ने ...
Gen Z ध्यान दें: ये आदतें छोड़ें, वरना बढ़ेगा वजन और बिगड़ेगा स्वास्थ्य डॉ. प्रताप चौहान, आयुर्वेदाचार्य, जीव आयुर्वेद
Life Style

Gen Z ध्यान दें: ये आदतें छोड़ें, वरना बढ़ेगा वजन और बिगड़ेगा स्वास्थ्य डॉ. प्रताप चौहान, आयुर्वेदाचार्य, जीव आयुर्वेद

आज की पीढ़ी, यानी जनरेशन Z (1997–2012 में जन्मी), अपने रहन-सहन और खाने-पीने की आदतों में पिछली पीढ़ी से काफी अलग है। रात में सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, समय पर खाना छोड़ देना या ऊर्जा के लिए कॉफी पर निर्भर रहना अब आम हो गया है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, ये आदतें हॉर्मोन, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। रात और शरीर की घड़ी का संबंध आयुर्वेद में दिनचर्या को अत्यंत महत्व दिया गया है। शरीर को नियमित समय पर आराम की आवश्यकता होती है। लगातार देर रात जागने से कर्टिसोल बढ़ता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी घटती है, थकान और बेचैनी होती है, और भूख का संतुलन बिगड़ता है। धीरे-धीरे यह वजन बढ़ने, डायजेशन धीमा होने और फैट मेटाबॉलिज्म कम होने जैसी समस्याएं पैदा करता है। मानसिक बर्नआउट सिर्फ मन की समस्या नहीं आयुर्वेद के अनुसार बर्नआउट पूरे सिस्टम की समस्या है। लगातार मेंटल दबाव में...
हीटर छोड़ो… बस दो चीजें बिछाओ और कमरा रहेगा गर्म, बिजली भी बचेगी
Life Style

हीटर छोड़ो… बस दो चीजें बिछाओ और कमरा रहेगा गर्म, बिजली भी बचेगी

कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह नंगे पैर ठंडे फर्श पर पड़ते ही पूरे शरीर में सिहरन दौड़ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सही कालीन और रग्स बिछाने से कमरे को प्राकृतिक रूप से गर्म रखा जा सकता है और हीटर पर निर्भरता कम हो सकती है? घर की गर्माहट को बनाए रखने में सबसे बड़ी बाधा फर्श की ठंडक है। खिड़कियों से आने वाली ठंडी हवा को पर्दे रोक सकते हैं, लेकिन असली ठंड फर्श में होती है। ऐसे में कालीन और रग्स न केवल कमरे को सजाते हैं, बल्कि पैरों और फर्श के बीच थर्मल परत बनाकर गर्मी को रोकते हैं। फर्श का तापमान कैसे कंट्रोल करें कालीन सिर्फ पैरों को नरम नहीं बनाते, बल्कि थर्मल इंसुलेशन का काम करते हैं। इनमें मौजूद रेशों के बीच छोटे-छोटे हवाई पॉकेट गर्मी को बाहर निकलने से रोकते हैं। लकड़ी या पत्थर का फर्श जल्दी ठंडा हो जाता है और कमरे की गर्मी को खींच लेता है। कालीन बिछाने पर कमरे की गर्माहट लंबे समय...
तनाव-चिंता में हूं, कैसे बाहर निकलूं? प्रेमानंद महाराज ने बताए 6 तरीके, मुश्किल घड़ी में भी रहेंगे खुश
Life Style

तनाव-चिंता में हूं, कैसे बाहर निकलूं? प्रेमानंद महाराज ने बताए 6 तरीके, मुश्किल घड़ी में भी रहेंगे खुश

आज के दौर में चिंता और तनाव जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। तेज रफ्तार जिंदगी, बढ़ती जिम्मेदारियां और भविष्य की अनिश्चितताएं मन को बेचैन कर देती हैं। बाहर सब कुछ ठीक लगता है, लेकिन अंदर डर, उलझन और नकारात्मक विचार चल रहे होते हैं। ऐसे में मानसिक शांति पाने का सबसे बड़ा रास्ता है—मन को सही दिशा देना। चिंता और तनाव का शरीर पर असर: तनाव केवल मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, यह धीरे-धीरे शरीर को भी प्रभावित करता है। लगातार तनाव से नींद में खलल, चिड़चिड़ापन, थकान, पेट और हृदय संबंधी समस्याएं, उच्च रक्तचाप और कमजोर इम्यून सिस्टम जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इससे आत्मविश्वास घटता है और सोचने-समझने की क्षमता भी प्रभावित होती है। शरीर से ज्यादा मन को मजबूत करना जरूरी: प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि अक्सर हम भूल जाते हैं कि शरीर बीमार हो सकता है, लेकिन अगर मन स्वस्थ है तो जीवन आनंदमय रह सकता है। शर...
मोटी स्वेटर पहनने के बाद भी क्यों लगती है ठंड? इन 6 बातों का नहीं रखा ध्यान तो बर्फीली हवाएं बन जाएंगी आफत
Life Style

मोटी स्वेटर पहनने के बाद भी क्यों लगती है ठंड? इन 6 बातों का नहीं रखा ध्यान तो बर्फीली हवाएं बन जाएंगी आफत

सर्दियों में ठंड से बचाव के लिए मोटी स्वेटर पहनना आम तरीका है। लेकिन कई बार स्वेटर पहनने के बावजूद शरीर को गर्मी का अहसास नहीं होता। इसका कारण केवल मोटी कपड़े पहनना नहीं, बल्कि सही स्वेटर और पहनने के तरीके का ध्यान न रखना होता है। स्वेटर पहनने के बाद भी ठंड लगने के मुख्य कारण: गलत कपड़े का चयन: बाजार में कई तरह की स्वेटर मिलती हैं। 100% कॉटन की स्वेटर गर्मी बनाए रखने में असफल रहती है। पतली या बड़ी होल वाली स्वेटर भी हवा आरपार कर देती है। लूज स्वेटर पहनने से भी शरीर ठंड महसूस करता है। पुरानी स्वेटर का इस्तेमाल: बार-बार धोने से ऊन के रेशे ढीले और पतले हो जाते हैं, जिससे हवा अंदर और बाहर आसानी से जा सकती है। इसलिए पुरानी घिसी हुई स्वेटर गर्मी बनाए रखने में सक्षम नहीं रहती। ऊनी स्वेटर ही बेहतर विकल्प: ऊन प्राकृतिक इंसुलेशन प्रदान करती है। इसके रेशों में हवा रोकी जाती है, जिससे श...
2 इंच अदरक के टुकड़े में मिलाएं ये 3 चीजें, चमकेगा चेहरा और मजबूत होंगे बाल, 1 हफ्ते में दिखेगा असर
Life Style

2 इंच अदरक के टुकड़े में मिलाएं ये 3 चीजें, चमकेगा चेहरा और मजबूत होंगे बाल, 1 हफ्ते में दिखेगा असर

आजकल त्वचा और बालों की समस्याएं आम हो गई हैं। कई लोग इनसे निपटने के लिए महंगे स्किन और हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अक्सर ये उत्पाद शुरुआत में लाभ पहुंचाने के बाद लंबे समय में नुकसान भी कर सकते हैं। चेहरे पर लालिमा, मुंहासे, सूजन और बालों का झड़ना जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि स्किन और बालों की देखभाल कैसे की जाए? इसी समस्या का हल पेश किया गया है एक आसान और प्राकृतिक मॉर्निंग ड्रिंक के रूप में। इंस्टाग्राम पर @journey_with_sweta नाम की कंटेंट क्रिएटर ने इसे अपनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि यह ड्रिंक रोजाना सेवन करने पर चेहरे की चमक बढ़ाता है और बालों को जड़ों से मजबूत बनाता है। नुस्खे में इस्तेमाल होने वाली सामग्री: चुकंदर आंवला अदरक करी पत्ते (मात्रा आवश्यकता अनुसार तय करें) बनाने की विधि: चुकंदर, आंवला और अदरक को ...
खराब नारियल फेंकने की मत करें गलती, ये तरकीब बनाये दोबारा नए जैसा
Life Style

खराब नारियल फेंकने की मत करें गलती, ये तरकीब बनाये दोबारा नए जैसा

  नारियल का इस्तेमाल घरों में पूजा-पाठ से लेकर रसोई में पकवान बनाने तक खूब होता है। अक्सर देखा जाता है कि रखे-रखे नारियल पर सफेद फंगस जमने लगता है या उसका रंग बदल जाता है। ज्यादातर लोग इसे 'खराब' समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वैनिसा की खास तरकीब से इसे दोबारा बिल्कुल नए जैसा बनाया जा सकता है। सोडा और गर्म पानी का घोल सबसे पहले एक बर्तन में एक बड़ा चम्मच मीठा सोडा डालें और इसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। बेकिंग सोडा प्राकृतिक क्लींजिंग एजेंट है, जो फंगस और बैक्टीरिया को जड़ से हटाने में मदद करता है। सावधानी से सफाई करें एक साफ किचन टॉवेल या सूती कपड़ा इस सोडे वाले पानी में डुबोएं। गर्म कपड़े से नारियल की सतह को रगड़ें, खासकर जहां फंगस दिख रही हो। सावधान रहें, क्योंकि पानी गर्म होता है। रंग बदलने से न घबराएं सफाई के दौरान नारियल का रंग बदल सकता है। वैनिसा के अनुसार, यह ...