सक्सेस स्टोरी | ‘ये फौजी का हाथ है’—डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की भविष्यवाणी हुई सच, 3 साल का बच्चा आज बना भारतीय सेना का अफसर
कुछ पल ऐसे होते हैं, जो जिंदगी की दिशा तय कर देते हैं। दिसंबर 2006 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) की पासिंग आउट परेड के दौरान ऐसा ही एक पल आया था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने तीन साल के एक बच्चे का हाथ थामकर मुस्कुराते हुए कहा था— “ये फौजी का हाथ है।”आज, करीब 19 साल बाद, कलाम साहब के वही शब्द इतिहास बन गए हैं। वही बच्चा, हरमनमीत सिंह, अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर उसी IMA परेड ग्राउंड में वर्दी पहने खड़ा है।
बचपन में देखा सपना, आज पहन ली वर्दी
कानपुर निवासी हरमनमीत सिंह को बचपन से ही सेना में जाने का जुनून था। महज तीन साल की उम्र में किंडरगार्टन के दौरान भी उन्होंने अपनी टीचर से कहा था कि वह एक दिन जेंटलमैन कैडेट (GC) बनेंगे।पढ़ाई में भी हरमनमीत शुरू से अव्वल रहे। उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों में टॉप किया। हालांकि परिवार में इंजीनियरिंग और IIT जैसे व...










