टीचर की बेटी से बनी राष्ट्रपति की पहली महिला ADC: 7वीं क्लास में ठाना था – सेना में जाना है!
हरियाणा के छोटे से गांव से राष्ट्रपति भवन तक का सफर आसान नहीं होता। फिर भी यशस्वी सोलंकी ने 7वीं क्लास में जो सपना देखा था – सेना की वर्दी पहनने का – उसे सच कर दिखाया। आज वह भारत की पहली महिला ADC (एड-डी-कैंप) बन गई हैं।
सरकारी स्कूल में टीचर हैं पिता
यशस्वी सोलंकी हरियाणा के चरखी दादरी जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता सरकारी स्कूल में टीचर हैं और मां गृहिणी। छोटे गांव से पढ़ाई पूरी करने के बाद यशस्वी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से आगे की पढ़ाई की।
7वीं क्लास में ठाना – सेना में जाना है
यशस्वी का लक्ष्य बहुत छोटी उम्र में तय हो गया था। 7वीं क्लास में उन्होंने ठान लिया कि उन्हें सेना की वर्दी पहननी है। यह सपना तब जागा जब उन्होंने स्कूल के गणतंत्र दिवस प्रोग्राम में पहली बार इंडियन एयर फोर्स की वर्दी देखी और एक पायलट से प्रेरणा ली।
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