Sunday, January 25

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मैगी और किटकैट बनाने वाली कंपनी के बेबी प्रोडक्ट्स पर हाहाकार 25 देशों में वापस मंगाए गए उत्पाद, Cereulide नामक जहरीले पदार्थ का खतरा
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मैगी और किटकैट बनाने वाली कंपनी के बेबी प्रोडक्ट्स पर हाहाकार 25 देशों में वापस मंगाए गए उत्पाद, Cereulide नामक जहरीले पदार्थ का खतरा

नई दिल्ली। मैगी, किटकैट और नेस्कैफे जैसी ब्रांडों के लिए मशहूर नेस्ले (Nestlé) ने दुनिया के कई देशों से अपने बेबी फॉर्मूला प्रोडक्ट्स वापस मंगाए हैं। कंपनी का कहना है कि इन उत्पादों में Cereulide नामक जहरीला पदार्थ मिलने की आशंका है, जिससे बच्चों में उल्टी, मतली और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसे कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉल माना जा रहा है। प्रभावित उत्पाद और देशों की सूची नेस्ले ने बताया कि यूरोप, तुर्की और अर्जेंटीना में बेचे गए कुछ SMA, BEBA और NAN फॉर्मूला बैच प्रभावित हैं। रिकॉल तब शुरू हुआ जब नीदरलैंड्स की एक फैक्ट्री में सप्लायर से मिलने वाले कच्चे माल में क्वालिटी की समस्या सामने आई। कंपनी ने प्रभावित उत्पादों की तस्वीरें और बैच नंबर वेबसाइट पर जारी किए हैं और कहा है कि इनका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। रिकॉल की वजह Cereulide एक जहरीला पदार्थ है, जो Bacillus ce...
बीमा एजेंटों के मोटे कमिशन पर नकेल कसने की तैयारी 60,800 करोड़ रुपये का कमिशन, प्रीमियम महंगा होने की चिंता
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बीमा एजेंटों के मोटे कमिशन पर नकेल कसने की तैयारी 60,800 करोड़ रुपये का कमिशन, प्रीमियम महंगा होने की चिंता

नई दिल्ली। बीमा बाजार में एजेंटों को मिलने वाले भारी-भरकम कमिशन पर अब नियमों की कड़ी निगरानी की तैयारी हो रही है। इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने चेतावनी दी है कि पॉलिसी बेचने का खर्च बढ़ने की वजह से इंश्योरेंस प्रीमियम महंगा हो रहा है। इसी बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने के उद्देश्य से नए नियम बनाए जा सकते हैं, ताकि ग्राहकों को मिस-सेलिंग और अत्यधिक प्रीमियम से बचाया जा सके। एजेंटों का ज्यादा कमिशन और मिस-सेलिंग आरबीआई ने भी अपनी हालिया रिपोर्ट में इस बढ़ते खर्च पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहले साल में एजेंटों को अत्यधिक कमिशन मिलने के कारण गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचना (मिस-सेलिंग) बढ़ता है। ज्यादा पैसे के लालच में एजेंट ग्राहकों को अनावश्यक या गलत पॉलिसी थमा देते हैं, जिससे पॉलिसीधारकों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है। 60,800 करोड़ का आंकड़ा आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 20...
माचिस से भी सस्ता शेयर अचानक चढ़ने लगा ऑरी ग्रो इंडिया के शेयर में उछाल, वजह है नया AI-सक्षम कार्बन क्रेडिट प्लेटफॉर्म
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माचिस से भी सस्ता शेयर अचानक चढ़ने लगा ऑरी ग्रो इंडिया के शेयर में उछाल, वजह है नया AI-सक्षम कार्बन क्रेडिट प्लेटफॉर्म

मुंबई। एग्री-टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनी ऑरी ग्रो इंडिया लिमिटेड का शेयर इस समय मात्र 75 पैसे में बिक रहा है। यह कंपनी पहले लगातार गिरावट का शिकार थी, लेकिन हाल में अचानक इसके शेयर तेज़ी से बढ़ने लगे। शेयर की हालिया चाल एनएसई में लिस्टेड इस कंपनी के शेयर 22 दिसंबर तक धीरे-धीरे बढ़ते रहे और उस दिन इसका भाव 96 पैसे था। इसके बाद नौ सत्रों तक लगातार गिरावट आई और यह शेयर 2 जनवरी तक 70 पैसे तक लुढ़क गया। लेकिन 5 जनवरी को शेयर अपर सर्किट में फंसकर 73 पैसे पर बंद हुआ, और 6 जनवरी को 4.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 75 पैसे पर बंद हुआ। यह तब हुआ जब बाजार में सामान्य रूप से गिरावट रही। क्यों बढ़ने लगे शेयर विश्लेषकों के अनुसार इस तेजी का मुख्य कारण कंपनी द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया AI-सक्षम कार्बन क्रेडिट प्लेटफॉर्म ‘कार्बनकृषि’ है। कंपनी ने एनएसई को रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट अंकित कंसलटेंसी प...
1 करोड़ का पैकेज ठुकराया, जुनून बना पहचान किसान के बेटे एम. वेंकट नरसिम्हा रेड्डी ने भारत में खड़ा किया डीप-टेक स्टार्टअप
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1 करोड़ का पैकेज ठुकराया, जुनून बना पहचान किसान के बेटे एम. वेंकट नरसिम्हा रेड्डी ने भारत में खड़ा किया डीप-टेक स्टार्टअप

  नई दिल्ली। सपनों को सच करने के लिए कभी-कभी सुरक्षित रास्ता छोड़कर जोखिम उठाना पड़ता है। हैदराबाद के एम. वेंकट नरसिम्हा रेड्डी ने ऐसा ही साहसिक फैसला लिया। एक किसान परिवार में जन्मे वेंकट ने विदेश में मिलने वाला 1 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज ठुकराकर भारत में एयरोस्पेस हार्डवेयर और इंटेलिजेंट ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में अपना डीप-टेक स्टार्टअप खड़ा किया। आज उनकी कंपनी ‘नार्गा इंजीनियरिंग’ देश को अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। किसान परिवार से संघर्षों की शुरुआत आंध्र प्रदेश के छोटे से गांव अकावेदु में जन्मे वेंकट एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी पढ़ाई के लिए पिता को अपनी 16 एकड़ कृषि भूमि बेचनी पड़ी, जिसका कर्ज वेंकट ने आगे चलकर अपनी मेहनत से चुकाया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने फॉक्सवैगन और टेक महिंद्रा जैसी ...
शेयर बाजार में गिरावट के बीच चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत Crisil, NALCO समेत इन स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर
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शेयर बाजार में गिरावट के बीच चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत Crisil, NALCO समेत इन स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने की आशंकाओं के बीच दिग्गज शेयरों में बिकवाली हावी रही। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 376.28 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,063.34 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 539.52 अंक तक लुढ़ककर 84,900.10 अंक तक पहुंच गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 71.60 अंक यानी 0.27 प्रतिशत टूटकर 26,178.70 अंक पर बंद हुआ। दिग्गज शेयरों में बिकवाली सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा समूह की ट्रेंट के शेयरों में सबसे अधिक 8.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर तिमाही में कंपनी की राजस्व वृद्धि उम्मीद के अनुरूप न रहने से निवेशकों में निराशा देखी...
फरवरी 2021 के बाद पहली बार 60 डॉलर से नीचे आया भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की बढ़ी उम्मीद, आयात बिल पर बड़ी राहत
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फरवरी 2021 के बाद पहली बार 60 डॉलर से नीचे आया भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की बढ़ी उम्मीद, आयात बिल पर बड़ी राहत

नई दिल्ली। भारत के लिए कच्चे तेल के मोर्चे पर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। फरवरी 2021 के बाद पहली बार भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट की औसत कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में भारतीय क्रूड बास्केट की औसत कीमत घटकर 59.92 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई, जबकि दिसंबर 2025 में यह 62.2 डॉलर प्रति बैरल थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी का सीधा असर आने वाले दिनों में घरेलू पेट्रोल और डीज़ल की खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है। भारत में ईंधन की कीमतों की दैनिक समीक्षा व्यवस्था के चलते कच्चे तेल में गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। जून 2026 तक 50 डॉलर से नीचे जा सकता है क्रूड एसबीआई रिसर्च की 5 जनवरी को जारी रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि ...
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सोना-चांदी में जोरदार उछाल, चांदी ₹7,000 छलांग लगाकर ₹2.51 लाख प्रति किलो

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी देखने को मिली। सोने ने लगातार चौथे दिन मजबूती दिखाई और ₹1,100 की बढ़त के साथ ₹1,41,500 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ने भी रफ्तार पकड़ते हुए एक ही दिन में ₹7,000 की छलांग लगाई और ₹2,51,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, सोमवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹1,40,400 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और फेडरल रिजर्व की नरम टिप्पणियों ने कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया। क्यों बढ़ी सोने की कीमत? एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने बताया कि कमजोर डॉलर और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के संकेतों से आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ी हैं। आमतौर पर ब...
वेनेजुएला संकट: भारत से 10 गुना चीन फंसा, ट्रंप के कंट्रोल के बाद बीजिंग आउट, डूब सकते हैं 10 अरब डॉलर
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वेनेजुएला संकट: भारत से 10 गुना चीन फंसा, ट्रंप के कंट्रोल के बाद बीजिंग आउट, डूब सकते हैं 10 अरब डॉलर

  नई दिल्ली: वेनेजुएला और चीन के बीच तेल और कर्ज का बड़ा समझौता संकट में फंस गया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने और अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बाद यह साझेदारी अनिश्चित हो गई है।   चीन का कर्ज और वेनेजुएला का तेल   2000 के दशक की शुरुआत में चीन को अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए तेल की सख्त जरूरत थी, जबकि वेनेजुएला को पैसों की ज़रूरत थी। इसी समय चीन और वेनेजुएला ने कर्ज के बदले तेल का बड़ा समझौता किया। चीन ने वेनेजुएला को 100 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज देने का वादा किया और बदले में तेल प्राप्त करने लगा। इस कर्ज से वेनेजुएला में रेलवे, बिजली घर और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बने।   अमेरिकी प्रतिबंध और स्थिति की गंभीरता   2017 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कड़े प्रतिबंध लगाए। अब अमेरिकी सेना ने तेल टैंकरों और बंदरगाहों को न...
₹76,000 करोड़ का रियल एस्टेट निवेश, साल 2025 में बना रिकॉर्ड
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₹76,000 करोड़ का रियल एस्टेट निवेश, साल 2025 में बना रिकॉर्ड

  नई दिल्ली: साल 2025 भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद सफल रहा। इस दौरान संस्थागत निवेश 8.5 अरब डॉलर (करीब 76,000 करोड़ रुपये) तक पहुँच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। कोलिअर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले साल की तुलना में 29% ज्यादा है।   निवेश का स्रोत   इस साल घरेलू संस्थागत निवेशकों का दबदबा बढ़ा। उन्होंने कुल निवेश का 57%, यानी 4.8 अरब डॉलर निवेश किया। इससे पता चलता है कि भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे अच्छी क्वालिटी की प्रॉपर्टी, स्थिर कमाई और पारदर्शिता देख रहे हैं। वहीं विदेशी निवेश 16% घटकर 3.7 अरब डॉलर रह गया। हालांकि साल की आखिरी तिमाही में इसमें सुधार दिखा, जो बताता है कि विदेशी पैसा धीरे-धीरे वापस आ रहा है।   चौथी तिमाही में रिकार्ड निवेश   साल की चौथी तिमाही खास रही। इसमें 4.2 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो किसी भी तिमाही में स...
वेनेजुएला संकट से क्रिप्टो बाजार में तेजी, बिटकॉइन 94,000 डॉलर के पार, रिपल में 11% उछाल
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वेनेजुएला संकट से क्रिप्टो बाजार में तेजी, बिटकॉइन 94,000 डॉलर के पार, रिपल में 11% उछाल

    नई दिल्ली: वेनेजुएला संकट का असर क्रिप्टोकरेंसी पर भी दिख रहा है। मंगलवार को दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत 94,000 डॉलर के पार पहुँच गई। दोपहर 3 बजे यह 93,504 डॉलर पर कारोबार कर रही थी।   प्रमुख क्रिप्टो में तेजी   बिटकॉइन में 24 घंटे में 1% से ज्यादा की बढ़त। इथेरियम में 2%, रिपल में करीब 10% और सोलाना में 2% से ज्यादा की तेजी। हाल ही में 7 दिनों में करीब 50% रिटर्न देने वाली क्रिप्टो 'कैंटन' में 24 घंटे में 4% से ज्यादा गिरावट। क्रिप्टो मार्केट कैप भी 1.5% से ज्यादा बढ़कर 3.20 ट्रिलियन डॉलर हो गया।   तेजी के कारण   डेल्टा एक्सचेंज की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल का कहना है कि ट्रेडर्स इस तेजी को साल की शुरुआत में पोजीशनिंग और अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के बाद की उम्मीदों से जोड़ रहे हैं। इसका असर वैश्विक ऊर...