Saturday, January 24

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$1 = 14 लाख रियाल… अमेरिका की ‘मार’ कैसे झेल पाएगा ईरान? कितनी संकट में है देश की इकॉनमी
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$1 = 14 लाख रियाल… अमेरिका की ‘मार’ कैसे झेल पाएगा ईरान? कितनी संकट में है देश की इकॉनमी

ईरान इन दिनों गंभीर राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में पिछले कुछ समय से इस्लामी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। सरकारी दमन में अब तक 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, अमेरिका की तरफ से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी ने स्थिति और गंभीर बना दी है। ईरान की करेंसी और महंगाई पर असर ईरान की आर्थिक हालत पहले ही नाजुक है। देश की मुख्य आय का स्रोत कच्चा तेल है, लेकिन पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों के कारण इसकी बिक्री और कीमत पर गहरा असर पड़ा है। भारतीय रुपये के मुकाबले ईरानी रियाल की कीमत अब लगभग 11,000 है, जबकि डॉलर के मुकाबले यह बढ़कर 14 लाख रियाल तक पहुंच गया है। 1979 की इस्लामी क्रांति के समय एक अमेरिकी डॉलर 70 ईरानी रियाल के बराबर था। आज, यह मूल्य करीब 20,000 गुना गिर चुका है। इस गिरावट के पीछे पश्चिमी प्रतिबंध, महंगाई और कूटनीतिक अलगाव प्रमुख कारण हैं। I...
शेयर बाजार में उथल-पुथल जारी, सेंसेक्स 500 अंक गिरा, रिलायंस और आईसीआईसीआई बैंक बुरी तरह प्रभावित
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शेयर बाजार में उथल-पुथल जारी, सेंसेक्स 500 अंक गिरा, रिलायंस और आईसीआईसीआई बैंक बुरी तरह प्रभावित

  नई दिल्ली। बीते हफ्ते शेयर बाजार लगातार गिरावट में रहा और नए हफ्ते की शुरुआत भी शेयर बाजार के लिए अच्छी नहीं रही। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 25,550 के स्तर से नीचे आ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली।   सेंसेक्स और निफ्टी का हाल   सुबह 9.35 बजे सेंसेक्स 410.34 अंक यानी 0.49% गिरकर 83,165.90 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 112.75 अंक यानी 0.44% की गिरावट के साथ 25,570.55 अंक पर था। पिछले हफ्ते सेंसेक्स में कुल मिलाकर लगभग 2,200 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि निफ्टी करीब 2.5% लुढ़क गया।   प्रमुख शेयरों में गिरावट   सेंसेक्स में सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में लार्सन एंड टुब्रों, पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी पोर्ट्स, ईटरनल, बीईएल, भारती एयरटेल, इन्फोसिस, ...
चीन की तकनीकी रोक से रुक गया रिलायंस का बड़ा प्रोजेक्ट, मुकेश अंबानी ने किया है अरबों का निवेश
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चीन की तकनीकी रोक से रुक गया रिलायंस का बड़ा प्रोजेक्ट, मुकेश अंबानी ने किया है अरबों का निवेश

  नई दिल्ली। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भारत में लिथियम-आयन बैटरी सेल बनाने की अपनी योजना फिलहाल रोक दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी वजह चीन से जरूरी तकनीक का न मिलना है।   चीन ने रोक दिया रास्ता   रिलायंस इस साल से बैटरी सेल निर्माण शुरू करना चाहती थी। इसके लिए वह चीन की Xiamen Hithium Energy Storage Technology Co. से तकनीक लाइसेंस पर लेने की कोशिश कर रही थी, लेकिन ये बातचीत रुक गई। चीन ने कई रणनीतिक तकनीक के आयात पर नए नियम लागू कर दिए हैं ताकि अपनी क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी में वैश्विक बढ़त बरकरार रख सके।   रिलायंस की स्थिति   सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज कंटेनर असेंबली और सेल प्रोडक्शन के लिए कुछ मशीनरी आयात कर ली है। लेकिन चीनी तकनीक तक पहुंच न होने के कारण सेल निर्माण रुका हुआ है। अब कंपनी बैटरी ...
होली में गला तर करने के लिए भारत में बढ़ा बेवरेज कैन का आयात, श्रीलंका और UAE से की जा रही आपूर्ति
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होली में गला तर करने के लिए भारत में बढ़ा बेवरेज कैन का आयात, श्रीलंका और UAE से की जा रही आपूर्ति

  नई दिल्ली। उत्तर भारत इस समय सर्दी से जूझ रहा है, लेकिन बीयर और कोला निर्माता आगामी गर्मी और होली की तैयारियों में जुट गए हैं। हर साल होली पर न केवल एयरेटेड ड्रिंक की खपत बढ़ती है, बल्कि बीयर और अन्य अल्कोहलिक बेवरेज की मांग भी चरम पर होती है। इस मांग को पूरा करने के लिए भारत में एल्यूमिनियम कैन का आयात बढ़ा दिया गया है।   कैन की कमी और आयात   देश में बेवरेज पैकिंग के लिए एल्यूमिनियम कैन की घरेलू उत्पादन क्षमता सीमित है। इसी वजह से श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से कैन का आयात किया जा रहा है। पिछले साल आयात पर कुछ प्रतिबंधों के कारण देश में कैन की कमी देखी गई थी, और इस साल भी स्थिति बदली नहीं है। होली तक तैयारियों के लिए कंपनियों ने आयात को दोगुना कर दिया है।   क्यों हुई कैन की कमी?   ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के महानिदेशक विनोद गिरी बताते ...
देश की GDP बढ़ रही, लेकिन राज्यों की कमाई घट रही: बजट से पहले केंद्र से की बड़ी मांग
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देश की GDP बढ़ रही, लेकिन राज्यों की कमाई घट रही: बजट से पहले केंद्र से की बड़ी मांग

  नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत ग्रोथ दिखा रही है और हाल ही में सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 7.4% GDP वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसके बावजूद, राज्य सरकारें अपनी कमाई घटने की समस्या से जूझ रही हैं। आगामी आम बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई प्री-बजट बैठक में राज्यों ने केंद्र से कई अहम मांगें रखीं।   GST कटौती का असर   22 सितंबर को GST दरों में कमी की गई थी। SBI रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे राज्यों और केंद्र को वित्त वर्ष में कुल 1.11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। हालांकि, कम दरों के कारण उपभोग बढ़ने से वास्तविक नुकसान कुछ कम हो सकता है। विपक्ष शासित राज्यों ने विशेष रूप से इस मुद्दे को उठाया।   सेस और सरचार्ज में हिस्सेदारी की मांग   राज्यों का कहना है कि उन्हें केंद्र के टैक्स रेवेन्यू का 41% हिस्सा मिलता...
Success Story: पिता दिन में कमाते थे सिर्फ ₹100, बेटे ने खड़ा कर दिया करोड़ों का स्टार्टअप साम्राज्य
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Success Story: पिता दिन में कमाते थे सिर्फ ₹100, बेटे ने खड़ा कर दिया करोड़ों का स्टार्टअप साम्राज्य

  नई दिल्ली। हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता की राह खुद बन जाती है। हैदराबाद के एम. राजा शेखर की कहानी इसी जज्बे की मिसाल है। जिनके पिता कभी दिन में महज 100 रुपये कमाकर परिवार का गुजारा करते थे, आज वही बेटा 5 करोड़ रुपये सालाना रेवेन्यू वाला स्टार्टअप चला रहा है और सैकड़ों युवाओं के भविष्य को दिशा दे रहा है।   एम. राजा शेखर ने अपने दोस्त के. वमसी प्रसाद के साथ मिलकर ‘कॉलेज मेंटर’ (College Mentor) नाम का स्टार्टअप शुरू किया। इसका मकसद उन लाखों छात्रों को सही मार्गदर्शन देना है, जो जानकारी और मेंटरशिप के अभाव में गलत करियर चुन लेते हैं।   अभावों में बीता बचपन   राजा शेखर का बचपन संघर्षों से भरा रहा। सीमित आय के कारण परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वह खुद एक क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी ने उन्हें खेल छोड़कर ...
Stocks to Buy: बाजार में गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत, NALCO और Hindustan Zinc पर नजर
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Stocks to Buy: बाजार में गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत, NALCO और Hindustan Zinc पर नजर

  नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में बीते शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ बढ़ने की आशंका और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया।   बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 604.72 अंक यानी 0.72 फीसदी टूटकर 83,576.24 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 778.68 अंक तक लुढ़ककर 83,402.28 के निचले स्तर पर भी पहुंचा। वहीं, एनएसई का निफ्टी 193.55 अंक यानी 0.75 फीसदी गिरकर 25,683.30 पर बंद हुआ।   इन दिग्गज शेयरों में रही गिरावट   सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में प्रमुख रूप से बिकवाली देखने को मिली। वहीं, बाजार की कमजोरी के बीच एशिय...
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस: सिर्फ कन्फर्म टिकट, बिना RAC—किराया, रूट और स्पीड की पूरी जानकारी
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वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस: सिर्फ कन्फर्म टिकट, बिना RAC—किराया, रूट और स्पीड की पूरी जानकारी

  नई दिल्ली। भारतीय रेलवे यात्रियों को एक और प्रीमियम सुविधा देने जा रही है। जल्द ही वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत होने जा रही है, जो सेमी-हाई स्पीड, अत्याधुनिक सुविधाओं और तेज यात्रा समय के साथ रात की लंबी दूरी की यात्राओं का स्वरूप बदल देगी। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें RAC या वेटिंग टिकट की कोई व्यवस्था नहीं होगी—यात्री को या तो कन्फर्म टिकट मिलेगा या टिकट जारी ही नहीं होगा।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह गुवाहाटी–हावड़ा रूट पर पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। रेलवे का दावा है कि यह ट्रेन मौजूदा एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में यात्रा समय को करीब तीन घंटे तक कम कर देगी।   सिर्फ कन्फर्म टिकट की व्यवस्था   रेलवे बोर्ड ने 9 जनवरी को जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि वंदे भारत स्लीपर के लिए न्यूनतम चार्जेबल दूरी...
जी7 देशों की अहम बैठक में भारत को न्योता एजेंडे में चीन की पकड़, क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित सप्लाई पर मंथन
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जी7 देशों की अहम बैठक में भारत को न्योता एजेंडे में चीन की पकड़, क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित सप्लाई पर मंथन

नई दिल्ली/वॉशिंगटन। वैश्विक आर्थिक और सामरिक समीकरणों के बीच भारत की बढ़ती भूमिका को एक और अहम संकेत मिला है। अमेरिका ने भारत को जी7 देशों के वित्त मंत्रियों की विशेष बैठक में शामिल होने का न्योता दिया है। यह बैठक 12 जनवरी को वाशिंगटन में आयोजित होगी, जिसमें क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) की सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाने पर चर्चा की जाएगी। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि भारत को इस बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि भारत ने अभी तक इस निमंत्रण को स्वीकार किया है या नहीं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिमी देश रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिजों के लिए चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहे हैं। क्या है जी7 और क्यों अहम है यह बैठक? जी7 समूह में अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा शामिल...
भारत ने दुनिया के गरीब देशों की थाली भरी, चावल का निर्यात 19.4% बढ़कर रेकॉर्ड के करीब
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भारत ने दुनिया के गरीब देशों की थाली भरी, चावल का निर्यात 19.4% बढ़कर रेकॉर्ड के करीब

नई दिल्ली: भारत से चावल का निर्यात पिछले साल 19.4% बढ़कर रेकॉर्ड के करीब पहुंच गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है और भारतीय चावल की बढ़ती सप्लाई ने एशिया में चावल की कीमतें पिछले लगभग दस साल के सबसे निचले स्तर पर ला दी हैं। इससे गरीब देशों को राहत मिली है, क्योंकि उनके लिए चावल खरीदना अब सस्ता और आसान हो गया है। सरकारी और इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, भारत ने मार्च में चावल के निर्यात पर लगी सारी पाबंदियां हटा दी थीं। इसके बाद भारतीय चावल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता और प्रतिस्पर्धी बन गया। इस फैसले के चलते थाईलैंड और वियतनाम जैसे अन्य निर्यातक देशों की बिक्री में गिरावट आई। 2024 में भारत का चावल निर्यात 21.55 मिलियन मीट्रिक टन तक बढ़ गया, जबकि 2023 में यह 18.05 मिलियन टन था। साल 2022 में भारत ने रिकॉर्ड 22.3 मिलियन टन चावल निर्यात किया था। विशेष रूप से, गैर-बासमती चा...