Tuesday, March 17

Bihar

सदानंद सिंह: बिहार की राजनीति का ‘हनक’ वाला कद्दावर नेता
Bihar, State

सदानंद सिंह: बिहार की राजनीति का ‘हनक’ वाला कद्दावर नेता

पटना: बिहार की राजनीति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह ने हमेशा अपनी स्पष्ट राजनीति और हनक के लिए अलग पहचान बनाई। 10 बार बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे सदानंद सिंह ने कांग्रेस को राज्य में अपने दम पर लंबे समय तक मजबूती दी। उनकी राजनीति में पार्टी के प्रति वफादारी और राजनीतिक सूझबूझ का अद्वितीय उदाहरण देखने को मिला। वर्ष 2022 में उनके निधन के साथ बिहार की राजनीति का एक युग समाप्त हो गया। भागलपुर के कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से 12 बार चुनाव लड़ने वाले सदानंद सिंह ने 9 बार जीत दर्ज की और विधानसभा चुनाव जीतने का यह रिकॉर्ड आज भी अपने आप में विशिष्ट है। साल 2015 में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी। सदानंद सिंह पहली बार 1969 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। 1985 में कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया, फिर भी उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीतकर अपनी ...
पटना में दाखिल–खारिज का संकट साढ़े तीन लाख से अधिक आवेदन रिजेक्ट, रैयतों की बढ़ी परेशानी
Bihar, State

पटना में दाखिल–खारिज का संकट साढ़े तीन लाख से अधिक आवेदन रिजेक्ट, रैयतों की बढ़ी परेशानी

पटना जिले में जमीन के दाखिल–खारिज (म्यूटेशन) को लेकर रैयतों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऑनलाइन प्रणाली के तहत जमा किए गए आवेदनों में बड़ी संख्या में रिजेक्शन सामने आने से आम लोगों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 10.16 लाख दाखिल–खारिज आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए हैं, जिनमें से 3.65 लाख से अधिक आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं। यह संख्या कुल आवेदनों का करीब 36 प्रतिशत है। वहीं, 6.33 लाख आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 17,025 आवेदन अभी भी लंबित हैं। दस्तावेजों की कमी बनी बड़ी वजह राजस्व विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि आवेदन रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह दस्तावेजों की कमी, त्रुटिपूर्ण अपलोड और अंचल कार्यालयों के बीच समन्वय का अभाव है। कई मामलों में ऑनलाइन आवेदन करने के बाद यदि अंचल कार्यालय से समन्वय नहीं हो पाता, तो कि...
पॉक्सो एक्ट पर पटना हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला सहमति से बने संबंधों में केवल मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सजा नहीं
Bihar, State

पॉक्सो एक्ट पर पटना हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला सहमति से बने संबंधों में केवल मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सजा नहीं

पटना हाईकोर्ट ने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत एक बेहद अहम और दूरगामी असर वाला फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि केवल मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पीड़िता की उम्र तय नहीं की जा सकती। न्यायालय ने उम्र निर्धारण के लिए स्कूल रिकॉर्ड, दाखिला रजिस्टर और मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र को अधिक विश्वसनीय मानते हुए इन्हें अनिवार्य साक्ष्य बताया है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमन की खंडपीठ ने इस निर्णय के तहत पवन कुमार मंडल की पॉक्सो मामले में हुई दोषसिद्धि को रद्द कर दिया और उसे तत्काल जेल से रिहा करने का आदेश दिया। मेडिकल रिपोर्ट में 1–2 साल की त्रुटि संभव अदालत ने अपने फैसले में कहा कि चिकित्सा विज्ञान के पास उम्र निर्धारित करने का कोई पूर्णतः सटीक तरीका नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट में एक से दो साल तक का अंतर (Margin of Error) संभव है। ऐसे में किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता छीनने के ल...
सरपंच द्वारा पिता का शव दफनाने पर भड़की हिंसाकांकेर में चर्च जलाए गए, पथराव में एएसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल कांकेर।
Bihar, State

सरपंच द्वारा पिता का शव दफनाने पर भड़की हिंसाकांकेर में चर्च जलाए गए, पथराव में एएसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल कांकेर।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धर्मांतरण और अंतिम संस्कार को लेकर उपजा विवाद हिंसक रूप ले बैठा। आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के बड़ेतेवड़ा गांव में सरपंच द्वारा अपने पिता का शव खेत में दफनाने के बाद तनाव इतना बढ़ा कि भीड़ ने तीन चर्च और प्रार्थना भवनों को आग के हवाले कर दिया। उग्र भीड़ के पथराव में अंतागढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आशीष बंछोर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। गांव में नाकेबंदी कर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। क्या है पूरा मामला बड़ेतेवड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरा राम सलाम (65) का 14 दिसंबर को इलाज के दौरान निधन हो गया था। अगले दिन 15 दिसंबर को परिजनों ने उनका शव अपने खेत में दफना दिया। ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि धर्मांतरित व्यक्ति का शव गांव के भीतर दफन...
हिजाब विवाद पर जीतन राम मांझी का नीतीश कुमार के पक्ष में बयान कहा— ‘अनजाने में हुई घटना, इसे धर्म से जोड़ना गलत’
Bihar, Politics, State

हिजाब विवाद पर जीतन राम मांझी का नीतीश कुमार के पक्ष में बयान कहा— ‘अनजाने में हुई घटना, इसे धर्म से जोड़ना गलत’

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला का हिजाब हटाने की कथित घटना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष जहां इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है, वहीं केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री के बचाव में खुलकर सामने आए हैं। मांझी ने इस पूरे प्रकरण को अनजाने में हुई घटना बताते हुए इसे धर्म से जोड़ने को पूरी तरह गलत करार दिया है। ‘इरादा अपमान का नहीं था’ मीडिया से बातचीत में जीतन राम मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना या किसी महिला का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा,“संभव है मुख्यमंत्री ने स्नेहवश बेटी या बहू समझकर ऐसा किया हो। यह एक्सीडेंटली हुआ होगा। उनका इरादा बिल्कुल भी गलत नहीं था।”मांझी ने जोर देकर कहा कि काम के दौरान सहजता में कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो ज...
बिहार के 69,649 नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति पर संकट! फोल्डर न मिलने से वैधता संदिग्ध
Bihar, State

बिहार के 69,649 नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति पर संकट! फोल्डर न मिलने से वैधता संदिग्ध

सीतामढ़ी, 18 दिसंबर 2025: बिहार में वर्ष 2006 से 2015 तक नियोजित लगभग 70 हजार शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर निगरानी विभाग द्वारा चल रही जांच में 69,649 शिक्षकों के फोल्डर उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण उनकी नियुक्ति की वैधता संदिग्ध मानी जा रही है। जांच और फोल्डर की कमीनिगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन शिक्षकों के फोल्डर नहीं मिले हैं, उनकी नियुक्ति पर संशय है। निदेशक, प्राथमिक शिक्षा ने सभी जिलों के डीईओ और डीपीओ को वर्ष 2006 से 2015 तक नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों से भरे फोल्डर अतिशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, 69,809 में से केवल 160 फोल्डर ही निगरानी विभाग को सौंपे जा सके हैं। फर्जी शिक्षकों की पकड़ और कार्रवाईसंबंधित अधिकारियों के अनुसार, पहले ही सैकड़ों फर्जी शिक्षकों को पकड़ा जा चुका है, ...
बिहार पंचायत चुनाव 2026: सीटों का आरक्षण नए सिरे से, भ्रम की स्थिति पर आयोग ने किया क्लियर
Bihar, State

बिहार पंचायत चुनाव 2026: सीटों का आरक्षण नए सिरे से, भ्रम की स्थिति पर आयोग ने किया क्लियर

सीतामढ़ी: बिहार में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर आरक्षण और मतदान प्रक्रिया को लेकर भ्रम का माहौल फैल गया था। इस पर राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्टता प्रदान करते हुए कहा है कि सभी पदों का आरक्षण नए सिरे से किया जाएगा। ईवीएम से होंगे मतदानराज्य निर्वाचन आयोग के संयुक्त निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, ग्राम कचहरी सरपंच और पंच के चुनाव मल्टी पोस्ट ईवीएम के माध्यम से कराए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने नीतिगत निर्णय लिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि अब लोगों में यह भ्रम नहीं रहेगा कि चुनाव बैलेट पेपर से होंगे या ईवीएम से। सीटों के आरक्षण का नियमबिहार पंचायत अधिनियम, 2006 की धारा 13, 38, 65 और 91 के अनुसार, ग्राम पंचायत/ग्राम कचहरी के पदों का आरक्षण दो क्रमिक निर्वाचन के बाद तय किया जात...
दरभंगा में जूनियर इंजीनियर की करोड़ों की संपत्ति और 9MM पिस्टल का खुलासा
Bihar, State

दरभंगा में जूनियर इंजीनियर की करोड़ों की संपत्ति और 9MM पिस्टल का खुलासा

पटना: बिहार के दरभंगा जिले में जूनियर इंजीनियर मोहम्मद अनसारूल हक के ठिकानों पर विजिलेंस टीम की छापेमारी ने भ्रष्टाचार और काली कमाई के नए मामले को उजागर कर दिया है। इस खुलासे के पीछे एक और चौंकाने वाली बात यह है कि इसकी जानकारी इंजीनियर की अपनी बहन की शिकायत के बाद मिली। एक करोड़ से अधिक की संपत्तिविजिलेंस टीम ने अनसारूल हक के जमलपुरा, लालबाग और हरिराहा पंचायत में बने घरों पर छापेमारी की। जांच में पता चला कि जूनियर इंजीनियर के पास जमीन के 12 अलग-अलग प्लॉट्स के सेल डीड, 20 बैंक खाते, भारी तादाद में निवेश के कागजात, एक मिनी ट्रक और एक एक्सयूवी गाड़ी मौजूद हैं। कुल माल-मूल्य 1 करोड़ 46 लाख 95 हजार 550 रुपये तक पहुंच गया है। 9MM की लाइसेंसी पिस्टल मिलीजांच में यह भी सामने आया कि अनसारूल हक के पास एक 9MM की लाइसेंसी पिस्टल भी है। अब सवाल यह उठता है कि क्या उसने खुद की सुरक्षा के लिए यह पि...
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दबोचा ‘अंकल जी’, उत्तर भारत में हथियार तस्करी का बड़ा नेटवर्क टूटा
Bihar, State

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दबोचा ‘अंकल जी’, उत्तर भारत में हथियार तस्करी का बड़ा नेटवर्क टूटा

पटना: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक विशेष कार्रवाई में कमलकांत वर्मा उर्फ ‘अंकल जी’ को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंकल जी का उत्तर भारत में हथियार तस्करी से गहरा कनेक्शन है और वह इस अवैध नेटवर्क का एक प्रमुख सदस्य माना जाता है। एनआईए की जांच में पता चला है कि अंकल जी हरियाणा से हथियार मंगाकर उत्तर प्रदेश और बिहार सहित पूरे उत्तर भारत में सप्लाई करता था। उसकी गिरफ्तारी पांच राज्यों की पुलिस के लिए बड़ी राहत और सफलता साबित हुई है। अंकल जी कौन हैं?गिरफ्तार किए गए कमलकांत वर्मा पटना के निवासी हैं और वह इस मामले में 11वें आरोपी हैं। एनआईए के अनुसार, वह हरियाणा और अन्य जगहों के अवैध बंदूक कारखानों से गोला-बारूद खरीदने और इसे उत्तर प्रदेश में तस्करी करने वाले गिरोह में केंद्रीय भूमिका निभाता था। बाद में ये गोला-बारूद बिहार और देश के अन्य हिस्सों में वितरित किया जाता था। ...
पंचायत सचिव को धमकी और जातिसूचक भाषा का मामला आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र पर चलेगा मुकदमा, एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी सुनवाई
Bihar, State

पंचायत सचिव को धमकी और जातिसूचक भाषा का मामला आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र पर चलेगा मुकदमा, एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी सुनवाई

पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट देखने को मिल रही है। मनेर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र के खिलाफ पंचायत सचिव को फोन पर धमकी देने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप में मुकदमा चलेगा। यह मामला अब पटना सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में पहुंचेगा। मामला जुलाई 2025 के आसपास का बताया जा रहा है, जब मनेर प्रखंड के बलुआ पंचायत के सचिव संदीप कुमार से विधायक भाई वीरेंद्र की फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान विधायक पर पंचायत सचिव को धमकाने, अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने और “जूता से मारने” जैसी बातें कहने का आरोप है। बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया। शिकायत के बाद बढ़ीं मुश्किलेंपंचायत सचिव संदीप कुमार ने इस पूरे प्रकरण को लेकर एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत...