बिहार के ‘कलयुग के दधीचि’: पेंशन से गरीब बच्चों की शिक्षा पर खर्च करते हैं पैसे
बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक रिटायर शिक्षक हैं, जिनका जीवन समाज की सेवा और बच्चों की शिक्षा के प्रति समर्पित है। उनका नाम है डॉ. नवल किशोर प्रसाद यादव, जिन्हें लोग "कलयुग के महर्षि दधीचि" के रूप में जानते हैं। डॉ. नवल अपनी पेंशन की पूरी राशि गरीब बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं।
महर्षि दधीचि की याद दिलाते डॉ. नवल
महर्षि दधीचि का नाम भारतीय पुराणों में उनकी दानवीरता और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रसिद्ध है। महर्षि दधीचि ने मानव कल्याण के लिए अपनी अस्थियों का दान किया था, जिनसे इंद्र ने वज्र तैयार कर वृत्रासुर का वध किया। सीतामढ़ी में डॉ. नवल का काम कुछ वैसा ही है—वे अपनी पेंशन के पैसे गरीब बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर समाज को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
शिक्षा के प्रति समर्पण
डॉ. नवल का मानना है कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा देने का ...










